संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नए कलेक्टर रेटों ने आम आदमी की कमर को तोड़ कर रख दिया है। उनके लिए भविष्य में अपना आशियाना बनाना अब सपने जैसा ही होगा। आसमान को छूने वाले रेटों को देखकर हर कोई चकित है, रेटों को लेकर जनता के भी खूब चर्चाएं भी हो रही।
वही विपक्ष इसे जनता के लिए भाजपा की तरफ से खास तोहफा देने की बात कह रहा है। विपक्षियों का कहना है कि सरकार ने लोगों को आपत्ति दाखिल करने तक का समय नहीं दिया गया और बड़े हुए रेट जनता पर थोप दिए, जोकि सही नहीं है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता श्याम सुंदर बत्रा ने कहा कि नए कलेक्टर रेट नहीं बल्कि यह भाजपा का जनता को दिया उपहार है। पहले सरकार ने गरीबों के सरसों के तेल के रेट बढ़ाए, फिर बिजली के रेट बढ़ा दिए और रही सही कसर कलेक्टर रेट बढ़ाकर पूरी कर दी है।कलेक्टर
इंडियन नेशनल लोकदल के नेता सुरेश कान्हड़ी का कहना है कि कलेक्टर रेटों में वृद्धि करना यह निंदनीय है। सरकार ने जमीन के रेटों को 30 से 50 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है। इसका बोझ लोगों की जेब पर पड़ेगा। भाजपा सरकार को रेटों को बढ़ाने की बजाय घटाने चाहिए थे।
आम आदमी पार्टी के नेता ललित त्यागी ने कहा कि भाजपा सरकार ने नए कलेक्टर रेटों को बढ़ा ये जता दिया की सरकार पतन की ओर जा रही है। ये सरकार कभी किसी का भला नहीं कर सकती, उल्टा लोगों को लाइन में लगाना जानती है। रेटों को लेकर लोग चिंता में पड़े हैं।
कांग्रेस के ही वरिष्ठ नेता रमन त्यागी का कहना है नए कलेक्टर रेट को लेकर सरकार ने आपत्ति जताने के लिए लोगों को मौका तक नहीं दिया। इससे सरकार की मानसिकता का पता चलता है। ये सरकार कभी किसी का भला ही नहीं कर सकती। लोगों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है।