यमुनानगर। प्रोफेसर कॉलोनी पिता पुत्र ने नाम बदलकर आटा खरीदने का झांसा देकर शिवपुरी कॉलोनी निवासी अनिल कुमार से लाखों रुपये का आटा खरीद लिया। आरोपियों ने खरीदे गए आटे का आधा भुगतान किया। जब पीड़ित ने रुपये मांगे तो आरोपी ने कोरोना संक्रमित होने की बात कहकर कुछ दिनों बाद रुपये देने की बात कही। लेकिन अब आरोपी ने फोन उठाना बंद कर दिया। इसकी शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने मामले में दोनों आरोपी पिता पुत्र के खिलाफ केस दर्जकर जांच शुरू कर दी है।
शिवपुरी कॉलोनी निवासी अनिल कुमार ने गांधी नगर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसने सुंदर विहार कॉलोनी में श्रीराम नाम से आटा चक्की लगा रखी है। जुलाई 2020 में उसके पास एक व्यक्ति का फोन आया। आरोपी ने अपना नाम हरनौल निवासी राजेश कुमार बताया। उसने बताया कि उसने हरनौल व दामला में आटा थोक में खरीदने व बेचने की दुकान कर रखी है। आपकी आटा चक्की के आटे की गुणवत्ता काफी अच्छी है। वह भविष्य में आपसे ही आटा खरीदना चाहता है। तब आरोपी ने उसे हरनौल दुकान पर करीब 1750 किलोग्राम आटा भेजने का ऑर्डर दिया। आरोपी के कहने पर उसने हरनौल में आटा भेज दिया था। इसके बाद राजेश व उसके पिता बाइक पर आए। आरोपियों ने 38150 रुपये में से पांच हजार रुपये नकद दिए और कहने लगे आगे हमारा तुम्हारा लेनदेन होता रहेगा। आरोपियों के विश्वास में आकर उसने आरोपियों को आटा भेजना शुरू कर दिया। इसके बाद दो जुलाई को 40 क्विंटल आटा भेजा। जिसके 86800 रुपये बनते थे। आरोपी राजेश कुमार ने उसके 15000 हजार रुपये नकद दिए। इसके बाद नौ जुलाई को 50 क्विंटल आटा फिर दुकान पर पहुंचाया। जिसके 109368 रुपये बनते थे। आरोपी ने उसे 45000 रुपये नकद दिए थे। इसके बाद 14 जुलाई को 50 क्विंटल, 19 जुलाई को करीब 35 क्विंटल आटा भेजा। जब भी आरोपी ने आधा राशि का भुगतान उसे किया। इसके बाद करीब 15 दिन बाद राजेश ने उसे फोन किया। आरोपी ने उसे बताया कि वह कोरोना महामारी से संक्रमित हो गया है। ठीक होने के बाद उसकी सभी रुपये लौटा देगा। लेकिन काफी दिनों बाद भी आरोपी ने उसके रुपये नहीं लौटाए। अब आरोपी ने उसका फोन भी उठाना बंद कर दिया। उसे पता चला कि आरोपी राजेश कुमार व उसके पिता का नाम सुरेश कुमार बताया गया था। लेकिन आरोपी का असली नाम यशु अरोड़ा व उसके पिता का नाम रमेश कुमार है। आरोपी प्रोफेसर कॉलोनी में रहते हैं।
आरोप है कि आरोपी उससे कुछ रुपये नकद देकर आटा खरीद लेते थे और कम रेट पर आगे किसी दुकान पर बेच देते थे। इन दोनो ने आपस में मिली भगत करके अन्य लोगों के साथ मिलकर एक गिरोह बना रखा है। जो दुकानदारों के साथ नाम बदलकर धोखाधड़ी करते है। आरोपियों ने उसके साथ दो लाख 93 हजार 768 रुपये की धोखाधड़ी की है। पुलिस ने मामले में दोनों आरोपी यशु अरोड़ा व उसके पिता रमेश कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं में केस दर्जकर लिया है। जांच अधिकारी एएसआई विरेंद्र कुमार का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।