संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। व्यासपुर से प्रतापनगर तक खस्ताहाल हो चुकी सड़क को नए सिरे से बनाया जा रहा है। आधे से ज्यादा सड़क बन चुकी है। लोगों ने सड़क पर अभी ठीक से चलना भी शुरू नहीं किया और यह कई जगह से सड़क टूटने लगी है। मुजाफत कलां से लेकर बरौली माजरा तक सड़क कई जगह से टूट चुकी है।
करीब छह करोड़ रुपये से बन रही इस सड़क में लगी निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों ने मांग की है कि सड़क में लगी निर्माण सामग्री के सैंपल लेकर निष्पक्ष जांच कराई जाए।
व्यासपुर से लेकर प्रतापनगर तक बन रही यह सड़क लोगों के लिए बहुत अहम है। इस पर न केवल दर्जनों गांव पड़ते हैं बल्कि हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड जाने के लिए भी यह सड़क शार्ट कट का काम करती है। दूसरा इस सड़क से बड़ी संख्या में प्रतापनगर के माइनिंग जोन से आने वाले ट्रक व डंपर भी चलते हैं। छह करोड़ रुपये से बन रही इस सड़क का आधा हिस्सा प्रतापनगर से लेकर तुगलपुर तक फरवरी माह में बना दिया गया था। बाकी सड़क को अब बनाया जा रहा है। फरवरी में जो सड़क बनी थी, वह भी कई जगह से टूट चुकी है।
इससे वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वाहन चालक नई सड़क समझ कर तेज गति से चलते हैं और सामने अचानक टूटी सड़क देख कर अचानक से वाहन के ब्रेक लगाने पड़ते हैं। जिससे हादसा होने का खतरा भी बढ़ जाता है मुकेश कुमार, मोहित, विनोद व धर्मवीर ने बताया कि इतनी जल्दी सड़क का टूटना कई सवाल खड़े करता है।
लोगों ने कहा कि अब जो सड़क बन रही हैं, वह भी एक सिरे से बनाकर कहीं-कहीं से बनाई जा रही है। पुरानी सड़क को मशीनों से उखाड़ दिया गया है। जिससे सारा दिन सड़क पर धूल उड़ती रहती है। जैसे ही सड़क से कोई डंपर या कार निकलती है तो आसपास धूल का गुबार छा जाता है, जिससे लोगों को काफी परेशानी होती है। जो एजेंसी सड़क बना रही है, वह सड़क पर पानी का छिड़काव भी नहीं कर रही। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का ध्यान इस तरफ नहीं है।