संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। उत्थान संस्थान की कोशिश इकाई में दिव्यांग बच्चों ने उत्साह और उमंग के साथ वसंत पंचमी का पर्व मनाया। इस मौके पर बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। सभी बच्चे पीले वस्त्रों में सजे-धजे नजर आए और परिसर में चारों ओर वसंती छटा बिखर गई।
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की विधिवत पूजा-अर्चना से हुई। बच्चों ने श्रद्धा भाव से विद्या की देवी की आराधना की और प्रसाद ग्रहण किया। पूजा के दौरान बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ झलक रहा था। इसके बाद बच्चों ने गीत, नृत्य और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से वसंत पंचमी का संदेश दिया।
उत्थान संस्थान की निदेशक डॉ. अंजू बाजपेई ने सभी को वसंत पंचमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वसंत पंचमी का पर्व विद्या, कला और संस्कृति का प्रतीक है। इस दिन देवी सरस्वती की पूजा कर ज्ञान और सृजनशीलता का सम्मान किया जाता है। भारत रंगों और त्योहारों का देश है और वसंत पंचमी एक प्रमुख पर्व है, जो प्रकृति में नई ऊर्जा का संचार करता है।
डॉ. पीके बाजपेई ने कहा कि जैसे वसंत ऋतु में पेड़ों से पुराने पत्ते गिरकर नए पत्ते आते हैं, वैसे ही हमें भी बुरी आदतों को छोड़कर अच्छी आदतें अपनानी चाहिए। प्रधानाचार्य रविंद्र मिश्रा ने कहा कि वसंत पंचमी हमें प्रकृति से प्रेम करना सिखाती है। इस अवसर पर स्वाति ठाकुर, सुमित सोनी, हनी तोमर, बबली, राजेश, दीपा उपस्थित रहे।