संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। हरियाणा अनुसूचित जाति राजकीय अध्यापक संघ ने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी पर रोष जताया है। साथ ही बच्चों को किताबें न मिलने पर गहरी नाराजगी जताई है।
संघ के जिला प्रधान सतपाल ने कहा कि यमुनानगर में कई स्कूल ऐसे हैं, जहां एक भी नियमित शिक्षक नहीं है। अनेक गांवों के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। प्रदेश के अनेक जिलों के स्कूल शिक्षकों की कमी और शैक्षणिक अव्यवस्था से जूझ रहे हैं। कई स्कूल एकमात्र शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं, जो पढ़ाई के अलावा मिड डे मील और प्रशासनिक कामों में भी उलझे हैं। इसी के साथ संघ ने किताबों की आपूर्ति में भारी देरी पर भी कड़ा एतराज जताया।
राज्य महासचिव ने कहा कि प्रदेशभर में साढ़े तीन लाख से ज्यादा बच्चे अब तक किताबों से वंचित हैं। मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के दावों के बावजूद यमुनानगर समेत कई जिलों में बच्चों को पूरी किताबें नहीं मिल पाई हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। संघ ने सरकार से मांग की है कि शीघ्र रिक्त पदों पर नियुक्ति की जाए। बच्चों को फौरन किताबें उपलब्ध कराई जाएं और शिक्षा में लापरवाही के दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।