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सेक्टर की जमीन पर उगाई फसल को नष्ट करने पहुंचे अधिकारी, किसानों ने किया विरोध

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यमुनानगर। सेक्टर-13 के लिए अधिग्रहण की गई जमीन पर उगाई गई गेहूं की फसल को नष्ट करने के लिए सोमवार को अधिकारी पुलिस बल के साथ गांव रटौली में पहुंचे। जैसे ही प्रशासन के ट्रैक्टर फसल को नष्ट करने के लिए खेतों में उतरे तो ग्रामीणों ने विरोध कर दिया। एक बार तो स्थिति तनावपूर्ण होते-होते रह गई। वहां पर ग्रामीणों व अधिकारियों के बीच में काफी बहस भी हुई। किसान मांग कर रहे थे कि उन्होंने लागत से फसल को उगाया है। इसलिए उन्हें फसल पकने तक का समय दिया जाए ताकि वह इसे काट कर अनाज मंडी में बेच सकें। जिस पर एसडीएम सुशील कुमार व डीएसपी प्रमोद कुमार ने फसल उगाने वाले किसानों को बातचीत के लिए अपने कार्यालय में बुलाया।
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बिना सूचना दिए कार्रवाई करने पहुंचे अधिकारी
अधिकारी पुलिस अमले के साथ बिना कोई पूर्व सूचना दिए कार्रवाई करने के लिए रटौली में पहुंचे थे। क्योंकि अधिकारियों को पता था कि यदि वह पहले ही सूचना दे देंगे तो वहां पर काफी संख्या में किसान व यूनियन नेता एकत्रिति हो सकते हैं। परंतु जैसे ही अधिकारी फसल नष्ट करने के लिए ट्रैक्टर लेकर गांव में पहुंचे तो किसानों को इसकी भनक लग गई। इसलिए काफी संख्या में किसान वहां पर एकत्रित हो गए और फसल को उजाड़ने की कार्रवाई का विरोध किया। परंतु अधिकारियों ने उनकी एक नहीं सुनी। किसान ट्रैक्टरों के आगे खड़े हो गए। अधिकारियों के मुताबिक सेक्टर की जमीन पर किसान जसबीन, नरेंद्र, गोल्डी व अन्य ने गेहूं की फसल उगाई हुई है।
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13 साल से खाली पड़ी है सेक्टर की जमीन
प्रदेश सरकार ने 13 साल पहले सेक्टर-13 के लिए गांव रटौली में सेक्टर-18 के पार्ट टू के साथ करीब 495 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था। परंतु अफसरों की ढुलमुल नीति व सरकारों की उदासीनता के चलते सेक्टर- 13 आज तक विकसित नहीं हो पाया। अधिग्रहण से लेकर अब तक सारी जमीन खाली ही पड़ी थी। खाली जमीन को देख कर किसानों ने कई साल पहले इस पर फसल उगानी शुरू कर दी। हालांकि जब फसल उगाने के लिए किसान खेत तैयार करते हैं तो अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं करते। परंतु जब फसल पकने को होती है तो अधिकारियों को कार्रवाई की याद आती है। सेक्टर की इस जमीन पर जहां भी नजर जाती है वहां पर फसल ही नजर आती है। ढाई माह पूर्व शहरी संपदा के अधिकारियों ने सेक्टर की जमीन पर फसल बिजाई करने के आरोप में 30 से अधिक किसानों पर केस दर्ज किया था।
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अधिग्रहित जमीन पर नहीं कर सकते खेती: सुशील कुमार
एसडीएम जगाधरी सुशील कुमार ने बताया कि नियमानुसार जिस जमीन का किसी परियोजना के लिए अधिग्रहण कर लिया जाता है तो उस पर किसान का कोई हक नहीं रहता। क्योंकि उसे सारी पेमेंट दी जा चुकी है। वह जमीन सरकार की हो जाती है। जिस कारण उस जमीन पर खेती नहीं की जा सकती।
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