छछरौली (यमुनानगर)। दसौरा गांव में पीलिया से ग्रस्त मरीजों की संख्या 34 से बढ़कर 40 हो गई है। मंगलवार को गांव में पीलिया के छह नए मरीज मिले। सोमवार को 34 में से 28 लोगों के रक्त के नमूने जांच के लिए लैब में भेजे गए थे। जिनमें से 20 हेपेटाइटिस-ए के पॉजिटिव पाए गए हैं।
वहीं मंगलवार को सिविल सर्जन डॉक्टर पूनम चौधरी अपनी टीम के साथ गांव में पहुंची। हेल्थ चेकअप कैंप में कार्य कर रहे डॉक्टरों की टीम से गांव के हालात के बारे में जानकारी ली।
उधर, अमर उजाला की ओर से पेयजल की जर्जर पाइप लाइन का मामला उठाए जाने के बाद जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ ने भी पाइप लाइन का मुआयना किया। एसडीओ बोले पूरे गांव की पाइपलाइन की सफाई की जाएगी और अवैध कनेक्शनों को काटा जाएगा।
दसौरा गांव में बीमार हुए बच्चे व व्यस्कों की हालात में कोई ज्यादा सुधार देखने को नहीं मिला है। लोगों में अभी भी डर का माहौल है।
इतनी ज्यादा संख्या में पीलिया के मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग में खलबली मची हुई है। सिविल सर्जन पूनम चौधरी ने खुद गांव जाकर मोर्चा संभाला है। गांव में लोगों के स्वास्थ्य की जांच करने पहुंची हेल्थ कैंप टीम की संख्या विभाग द्वारा बढ़ा दी गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मंगलवार को गांव में लगभग 350 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की।
डॉक्टर पूनम चौधरी ने बताया कि गंदा पानी व बैक्टीरिया वाले खानपान से हमारे शरीर में पीलिया हो जाता है। इसलिए हमें खानपान में सबसे ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है।
खाना खाने से पहले और शौचालय जाने के बाद साबुन से अच्छी तरह हाथ धोने चाहिए। इसके साथ ही जन स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 10 पानी के सैंपल दोबारा लिए हैं।