संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नगर निगम ठोस कचरा प्रबंधन के लिए शादीपुर, कैल और गुलाब नगर में तीन एमआरएफ (मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर बनाएगा। इन सेंटरों पर सूखे और गीले कचरे की वैज्ञानिक ढंग से छंटाई की जाएगी। गीला कचरा बायोगैस प्लांट में भेजा जाएगा। अन्य कचरे का निस्तारण निर्धारित प्लांट में किया जाएगा।
तीनों एमआरएफ सेंटरों की साढ़े 10 मीटर ऊंची दीवारें होंगी और इनके बाहर 10 मीटर चौड़ी ग्रीन बेल्ट विकसित की जाएगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों को भी राहत मिलेगी। इस योजना के तहत नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद की देखरेख में विधायक घनश्याम दास अरोड़ा व मेयर सुमन बहमनी ने जन स्वास्थ्य विभाग, सिंचाई विभाग और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के साथ बैठक की।
इस दौरान शहर की सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने, जल निकासी, पार्कों के सुंदरीकरण, हमीदा हेड पार्क, रिवर वाटर फ्रंट, बाड़ी माजरा में आईपीएस, भगवानगढ़ में बैडमिंटन हॉल, खजुरी रोड पर नाला निर्माण, शादीपुर गांव में जल निकासी, ड्रैनेज सिस्टम, बाड़ी माजरा पुल पर स्ट्रीट लाइट, दशहरा ग्राउंड के विकास, विश्वकर्मा चौक से महाराणा प्रताप चौक तक साइड बर्म, नगर निगम कार्यालय के नए भवन और स्टॉर्म वाटर ड्रेन जैसी परियोजनाओं पर चर्चा की गई।
निगम आयुक्त ने बताया कि पश्चिमी यमुना नहर किनारे रिवर वाटर फ्रंट परियोजना के लिए 10.35 करोड़ रुपये का टेंडर हो चुका है और जल्द ही शिलान्यास कर कार्य शुरू कराया जाएगा। हमीदा पार्क परियोजना का भी शिलान्यास हो चुका है और कुछ महीनों में यहां भव्य पार्क विकसित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि खजुरी रोड और शादीपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में नालियों के निर्माण के लिए 188 लाख रुपये का एस्टीमेट तैयार किया गया है। विधायक अरोड़ा और मेयर बहमनी ने अधिकारियों से कहा कि आमजन की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और सभी विकास कार्य समयबद्ध व उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे हों।