यमुनानगर। धान की सरकारी खरीद से पहले आढ़तियों के समक्ष आ रही समस्याओं व चुनौतियों पर चर्चा करने के लिए आढ़ती एसोसिएशन यमुनानगर की बैठक मंगलवार को जगाधरी में एक रेस्टोरेंट में हुई। बैठक में मुख्य मुद्दा मंडियों में धान की तुलाई के लिए डिजिटल कांटों का रहा। सभी न डिजिटल कांटों के आदेशों का विरोध किया। साथ ही यह भी चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस आदेश को जबरदस्ती थोपने की कोशिश की तो तौलाई नहीं करेंगे।
आढ़ती एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष जगमाल सिंह शेरपुर, जिला चेयरमैन शिवकुमार संधाला, जिला सचिव मुनीष कांबोज ने कहा कि सभी मंडियों के आढ़तियों ने विस्तार से अपनी मांगों व समस्याओं पर चर्चा की। सरकार कह रही है कि इस बार मंडियों में धान की तुलाई पुराने कांटों से न करके डिजिटल कांटों से की जाएगी। उन्हें डिजिटल कांटों पर तोलाई करने से कोई एतराज नहीं हैं।
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जब मंडी में धान की तोलाई होती है तो यह खुले में रखने पड़ते हैं। धान से इतनी धूल निकलती है कि डिजिटल कांटे जल्दी खराब हो जाएंगे। मजदूर तौलाई के लिए इन्हें यहां वहां खींचते हैं। इतना ही नहीं मंडियों के फड़ भी समतल नहीं है। इसलिए वह तो कांटों को ठीक करवाने में ही रह जाएंगे। इसलिए सभी ने निर्णय लिया है कि वह डिजिटल कांटों से धान की तुलाई नहीं करेंगे।
सरकार अपने स्तर पर ही धान की तुलाई कराए। जिलाध्यक्ष जगमाल सिंह शेरपुर ने कहा कि जब भी किसी फसल की खरीद का समय आता है तो सरकार हर बार एक नई पॉलिसी लेकर आ जाती है। यह आढ़तियों और किसानों के हित में नहीं है।