The medicine has not yet been given by the health department for fogging, larvae have been found in 151 houses
- फोटो : Yamuna Nagar
यमुनानगर। स्वास्थ्य विभाग को फॉगिंग के लिए अब तक मुख्यालय से दवाई नहीं मिल पाई है। जबकि मानसून सीजन शुरू होने में कुछ ही समय बचा है। विभाग की यह लेट लतीफी कहीं मानसून सीजन में लोगों के स्वास्थ्य पर भारी न पड़ जाए। विभाग ने जिले के लिए मुख्यालय से सिफनोथ्रिम की 100 लीटर दवा मांगी थी। मलेरिया विभाग भले ही लोगों को मलेरिया व डेंगू जैसी बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक कर रहा हो, लेकिन केवल इसी से काम नहीं चलेगा। जागरूकता से लोग बीमारी से तो कुछ हद तक अपना बचाव कर लेंगे लेकिन मच्छर तो दवाई से ही मरेगा।
151 घरों में मिल चुका है लारवा
फिलहाल डेंगू का कोई केस भले न मिला हो, लेकिन डेंगू का लारवा बड़े स्तर पर मिल रहा है। अब तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा कराए गए सर्वे में 151 घरों में डेंगू मच्छर का लारवा मिल चुका है। पहले 109 लोगों को लारवा मिलने पर जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुशील सैनी ने नोटिस थमाए थे। 15 मई तक विभाग 86031 घरों का सर्वे कर चुका है। लोगों के घरों में इतनी संख्या में लारवा मिलना चिंताजनक है। यह तो केवल 86 हजार घरों का सर्वे है। इस सर्वे के बाद दो दिन अच्छी बारिश भी हुई है। जिससे घरों की छतों, खाली बर्तनों व आसपास के खाली प्लाटों में पानी जमा हो गया है। जिले की आबादी 14 लाख से अधिक है। यदि सारे घरों का सर्वे हो गया तो लारवा इससे कहीं ज्यादा मिल सकता है।
गत वर्ष फॉगिंग कराने में आई थी दिक्कत
गत वर्ष डेंगू के काफी केस मिले थे। डेंगू जिस तरह से फैल रहा था उससे लोग काफी भयभीत थे। तब हर कोई फॉगिंग कराना चाहता था। परंतु शहरी क्षेत्र में ही फॉगिंग के लिए न दवा मिली थी और न ही कर्मचारी। जिससे लोगों में काफी गुस्सा देखा गया था। नगर निगम के पार्षद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को फोन करते थे, इसके बावजूद फॉगिंग काफी एरिया में नहीं हो पाई थी।
100 लीटर दवा मांगी है : सुशील सैनी
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुशील सैनी का कहना है कि फिलहाल डेंगू व मलेरिया का एक भी केस जिले में नहीं है। विभाग से जिले में फॉगिंग के लिए 100 लीटर सिफनोथ्रिम दवा मांगी है। उम्मीद है जल्द ही दवा मिल जाएगी।