संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। ट्विन सिटी में लावारिस कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। जिससे बच्चों और निवासियों को खतरा हो रहा है। सेक्टर 17, प्रोफेसर कॉलोनी, मॉडल टाउन और औद्योगिक क्षेत्र जैसे इलाकों में इनकी संख्या अधिक है। कुत्तों की आक्रमकता बच्चों व बड़ों के लिए खतरा बनती जा रही है।
विशेषज्ञों के मुताबिक लावारिस कुत्तों की बढ़ती आक्रामकता के कई कारण हैं, जिनमें मुख्य रूप से गर्मी, भूख, पानी की कमी और नसबंदी कार्यक्रमों की धीमी गति शामिल है। गर्मी के कारण कुत्तों में कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है और डिहाइड्रेशन से भी वे आक्रामक हो जाते हैं। भोजन न मिलने पर वे भी आक्रामक हो सकते हैं, और जब मादा कुत्ते अपने बच्चों की रक्षा करती हैं तो वे काट सकती है।
नगर निगम द्वारा वर्ष 2015 में भी कुत्तों की नसबंदी व टीकाकरण कराया था। तब नगर निगम द्वारा 16170 कुत्तों की नसबंदी करवाई गई थी। इस पर 1.42 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। इसके बाद नसबंदी नहीं हुई थी। कुत्तों की संख्या में बढ़ोतरी व डॉग बाइट की घटनाओं की लगातार शिकायतें मिलने पर नगर निगम सदन में कुत्तों की नसबंदी करने का प्रस्ताव पास किया था। जिसके बाद कुत्तों की नसबंदी व टीकाकरण के लिए टेंडर लगाया गया। अब शहरवासियों को कुत्तों के आतंक से निजात मिलेगी।
नसबंदी व टीकाकरण पर 1500 रुपये प्रति कुत्ता खर्च
मेयर सुमन बहमनी ने बताया कि नगर निगम द्वारा लावारिस कुत्तों की नसबंदी व टीकाकरण के लिए टेंडर अलॉट कर दिया है। टेंडर लेने वाली एजेंसी जल्द ही शहर से कुत्तों को पकड़कर उसकी नसबंदी व टीकाकरण करने का कार्य करेगी। इसके लिए एजेंसी प्रति कुत्ता 1500 रुपये खर्च लेगी। कुत्ता पकड़ने के बाद उसे अंबाला रोड पर बनाए डॉग शेल्टर में रखा जाएगा। जहां उसकी नसबंदी व टीकाकरण करने के बाद एक सप्ताह तक उपचार दिया जाएगा। इससे नगर निगम द्वारा कुत्तों की नसबंदी व टीकाकरण करने से डॉग बाइट की घटनाएं कम होंगी। साथ ही नगर निगम क्षेत्र में बढ़ रही कुत्तों की संख्या पर रोक लगाई जाएगी। इसके अलावा नगर निगम द्वारा कुत्तों की समस्या के समाधान के लिए 7082410824 नंबर जारी किया है।
नेहरू पार्क में घूमता लावारिस कुत्ता। आर्काइव