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Yamuna Nagar News: विधायक के गांव का राजकीय स्कूल सुविधाओं के लिए तरसा

Mon, 04 Aug 2025 01:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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गंदगी से अटा शौचालय। संवाद - फोटो : जमुनापुर के पास पेड़ गिरने से टूटे खंभे व सड़क पर गिरा तार।
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सुरेश सैनी
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यमुनानगर। यमुनानगर भाजपा विधायक घनश्याम दास अरोड़ा के पैतृक गांव करेड़ा खुर्द स्कूल में सुविधाओं की कमी है। केवल 10 वीं तक ही सरकारी स्कूल है। जिसमें 10 कमरे व इसी में प्राइमरी विंग भी है और 225 विद्यार्थी पढ़ते हैं। लेकिन, 12वीं तक पढ़ाई करने के लिए विद्यार्थियों को तीन गांवों नागल, शादीपुर और मंडौली के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में जाना पड़ता है। ये सभी गांव-करेड़ा खुर्द से डेढ़ से चार किलोमीटर की दूरी के बीच में है।
लगभग 40-45 साल पुराना करेड़ा खुर्द का राजकीय उच्च विद्यालय मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा है। स्कूल की एक इमारत में दरारें, कमरे में गंदगी भरी पड़ी, कुत्तों ने कमरे में डेरा डाल लिया, परंतु अभी तक इस इमारत को जर्जर घोषित नहीं किया गया। यहां तक जिस इमारत पर सोलर लगा है, उसकी दीवारों में भी दरारें, घास और बैक साइड में पानी के रिसाव होने से काई जम गई।
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करेड़ा खुर्द के सरकारी स्कूल में वर्तमान में चार शिक्षक हैं, जबकि यहां हेड मास्टर, एसएसटी, साइंस, ड्रांइग, संस्कृत व पंजाबी शिक्षकों के पद स्वीकृत हैं। मतलब बिना हेड मास्टर के ये सरकारी स्कूल चल रहा है। ऐसे में स्कूल का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी डीडीओ रमेश कांबोज को दी गई है।
उधर, पानी की निकासी न होने के चलते हेड मास्टर के कार्यालय के सामने बने छोटे ग्राउंड में कीचड़ जमा है। वहीं, स्कूल के बड़े ग्राउंड के पास उगी घास की कटाई न होने पर वह काफी बड़ी हो गई, ऐसे में मच्छरों की तादात बढ़ गई।

स्कूल के अंदर ही लाइब्रेरी बनी है। जिसका लेंटर भी बीच में झुक गया। ऐसे में बारिश का पानी टपकने लगा है। लेंटर का झुकाव होने के चलते वह कभी भी नीचे गिर सकता है। लेकिन बजट के अभाव के कारण इसका मरम्मत का कार्य भी अटका पड़ा है। वहीं स्कूल के जनरेटर भी लगा है, परंतु वह भी जर्जर हो चुका। जंग लग गई और आसपास घास उग गई है।
उधर, विद्यार्थियों के लिए शौचालय तो बने, किंतु सफाईकर्मी न होने के चलते वे भी जर्जर हो गए। एक शौचालय तक पूरी तरह से गंदगी से अट गया। ऐसे में बदबू आने लगी है। ऐसा नहीं इस स्कूल में चौकीदार नहीं, है पर चपरासी ही रात को चौकीदार का कार्य भी कर रहा है।



उसके रिटायर होने के भी चार से पांच माह रह गए। विधायक के पैतृक गांव के इस स्कूल का पूरा सिस्टम डांवाडोल है। स्कूल के एक शिक्षक से विधायक के यहां कभी आने के बारे में पूछा तब उन्होंने बताया कि वे इतने साल से यहां कार्य कर रहे लेकिन विधायक यहां कभी नहीं आए।



रिपोर्ट कार्ड

विद्यार्थियों की संख्या - 225
शिक्षकों के स्वीकृत पद-6

कार्यरत शिक्षक-4
स्कूल में चौकीदार-नहीं

सफाई कर्मचारी-नहीं

स्कूल में काफी सुविधाओं की आवश्यकता है। एक इमारत जर्जर हो चुकी है, जिसे कंडम घोषित किया जाना है। लाइब्रेरी के कमरे की स्थिति को दुरुस्त कराने के लिए विभाग को लिखा है। जनरेटर भी न चलने के अभाव में जर्जर हो चुका है। छह पद स्वीकृत हैं, स्कूल में हेड मास्टर भी नहीं। सभी परेशानियां शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाई जा चुकी हैं। - रमेश कांबोज, डीडीओ, करेड़ा खुर्द स्कूल।
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यह मेरा पैतृक गांव है। यह गांव रादौर विधानसभा में पड़ता है, लेकिन फिर भी मैं इस स्कूल के हालात को जानने के लिए जरूर जाउंगा। इसके अलावा यहां क्या-क्या दिक्कतें आ रही हैं इसके बारे में मुझे भी तक किसी ने अवगत नहीं कराया, इसलिए यह सब मेरी जानकारी में नहीं है। - घनश्याम दास अरोड़ा, विधायक यमुनानगर।

गंदगी से अटा शौचालय। संवाद- फोटो : जमुनापुर के पास पेड़ गिरने से टूटे खंभे व सड़क पर गिरा तार।

गंदगी से अटा शौचालय। संवाद- फोटो : जमुनापुर के पास पेड़ गिरने से टूटे खंभे व सड़क पर गिरा तार।

गंदगी से अटा शौचालय। संवाद- फोटो : जमुनापुर के पास पेड़ गिरने से टूटे खंभे व सड़क पर गिरा तार।

गंदगी से अटा शौचालय। संवाद- फोटो : जमुनापुर के पास पेड़ गिरने से टूटे खंभे व सड़क पर गिरा तार।

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