यमुनानगर। स्वच्छ सर्वेक्षण-2025 के अंतर्गत एक विशेष जन-जागरूकता अभियान के रूप में आयोजित किया गया, जिसे नगर निगम ने स्वच्छता की उड़ान नाम दिया। स्वच्छता का संदेश देने के लिए पांच विभिन्न रंगों की पतंगें उड़ाकर अभियान का सांकेतिक शुभारंभ किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक घनश्याम दास अरोड़ा व विशिष्ट अतिथि महापौर सुमन बहमनी रहे। उनके साथ नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद एवं अतिरिक्त नगर आयुक्त धीरज कुमार भी मौजूद रहे। ये पांच रंगीन पतंगें कचरे के पांच वर्गों में पृथक्करण (सोर्स सेग्रीगेशन) का प्रतीक थीं। इसका उद्देश्य नागरिकों को कचरा प्रबंधन के वैज्ञानिक और तकनीकी पहलुओं के प्रति जागरूक करना था।
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मेयर बहमनी ने कहा कि हमीदा पार्क का निर्माण शहर की सुंदरता और हरियाली को नई पहचान देगा, लेकिन इसकी वास्तविक सफलता तभी होगी जब शहर का प्रत्येक कोना स्वच्छ रहेगा। उन्होंने शहरवासियों से स्वच्छता को केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जीवन का संस्कार बनाने का आह्वान किया। कचरा पृथक्करण केवल नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक और सामाजिक दायित्व है।
उन्होंने कहा कि यदि हर परिवार अपने घर से निकलने वाले कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर निगम के वाहनों को सौंपे, तो यमुनानगर स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 में शीर्ष स्थान प्राप्त कर सकता है। महाबीर प्रसाद व अतिरिक्त निगम आयुक्त धीरज कुमार ने स्वच्छ भारत मिशन और स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 के मानकों की विस्तार से जानकारी दी।