संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। कृषि विभाग ने गांव आहलूवाला में बाजवा ट्रेडिंग कंपनी से 14 जनवरी को बरामद किए गए यूरिया के 2120 बैग की बिक्री पर रोक लगा दी है। साथ ही फर्म का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
कृषि विभाग की जांच में सामने आया कि थोक विक्रेता मेसर्स अनिल ट्रेडर्स ने सात अक्तूबर 2025 को फार्म ओ संख्या 17 के माध्यम से बाजवा ट्रेडिंग कंपनी को उर्वरक बिक्री के लिए अधिकृत किया गया था, लेकिन बाजवा ट्रेडिंग कंपनी ने इस फार्म ओ को अपने उर्वरक लाइसेंस में सक्षम प्राधिकारी से नियमानुसार दर्ज नहीं कराया था। दरअसल 14 जनवरी को कृषि विभाग ने ग्राम आहलूवाला में बिना वैध बिल के ले जाए जा रहे यूरिया से लदे तीन ट्रकों को पकड़ा था। मौके पर पहुंची टीम ने जांच के दौरान कुल 2120 बैग यूरिया बरामद हुई थी।
इस कार्रवाई के दौरान कृषि विभाग की एक टीम, जिसमें गुणवत्ता नियंत्रण निरीक्षक यमुनानगर और विषय विशेषज्ञ (शस्य) जगाधरी शामिल थे, को तत्काल मौके पर भेजा गया।
जांच में सामने आया था कि उसी दिन यमुनानगर स्थित न्यू कलानौर रेल हेड पर कृभको द्वारा निर्मित 1340.010 मीट्रिक टन यूरिया खाद की एक रैक आई थी। इसमें से थोक विक्रेता मेसर्स अनिल ट्रेडर्स को 400.5 मीट्रिक टन (8900 बैग) यूरिया आवंटित किया गया था। प्रस्तुत ई-वे बिल के अवलोकन में गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं। वाहनों को दोपहर करीब तीन बजे रोका गया था, ई-वे बिल पर समय 5:14 बजे, 5:16 बजे और 5:19 बजे अंकित था।
अब तक दर्ज हो चुकी 17 प्राथमिकी
आंकड़ों के अनुसार कृषि विभाग पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष जिले में करीब दो लाख यूरिया बैग कम आए हैं, जो पिछले पांच वर्षों में सबसे कम है। वर्ष 2025-26 के दौरान अब तक यूरिया की कालाबाजारी के खिलाफ 17 प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है, 43 उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द किए गए हैं और लगभग 6400 यूरिया बैग जब्त किए गए हैं।
किसी भी सूरत में खाद की कालाबाजारी नहीं होने दी जाएगी। 14 जनवरी वाले मामले में फर्म का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। साथ ही खाद की बिक्री पर रोक लगाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है है। -डॉ. आदित्य डबास, उपनिदेशक, कृषि विभाग।