संवाद न्यूज एजेंसी
साढौरा। पहाड़ों पर हुई मूसलाधार बारिश से साढौरा के नजदीक से निकल रही नकटी नदी में रविवार को उफान आ गया। नकटी नदी पर एक हिस्से का तटबंध टूट गया जिससे बाढ़ जैसे हालात बन गए और पानी कस्बे की आबादी में घुस गया। ऐसे में करीब 150 घर औरलगभग 200 एकड़ में लगी फसलें पानी में डूब गई।
बाढ़ का पानी कस्बे की मुख्य सड़कों को पार कर दूसरी जगह रुख कर लिया, ऐसे में वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं, जलभराव के कारण खेतों में खड़ी फसलों के नष्ट होने की आंशका से इंकार नही जा सकता तो वहीं जलभराव से कई लोगों का घरेलू सामान खराब हो गया है। अचानक पानी की गति बढ़ने से नई टोली व शिव कालोनी में पानी घुसने से लोगों का घरेलू सामान का नुकसान हुआ है। लोगों ने हर वर्ष की तरह इस बार भी अपने घरों का सामान निकालकर सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
कॉलोनीवासी पवन, नरेश व रेशमा ने बताया कि अगर प्रशासन ने समय रहते बरसाती पानी की निकासी का पुख्ता इंतजाम नही किए गए तो आगामी तेज बारिश से लोगों को पानी से खुद व बच्चों के अलावा घरेलू सामान को बचाने के काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
वहीं, पंकज सैनी, सुभाष, होशियार सिंह व कुशलवीर बख्शी ने बताया कि शनिवार को तेज बरसात के कारण रविवार की सुबह नदी का जलस्तर बढऩे से बरसाती पानी खेतों में फैल गया। जिससे कोटला मार्ग, सुल्तानपुर व टिब्बड़ी के पास सैकड़ों एकड़ खेतों में पानी भर गया। कोटला मार्ग पर बीईओ कार्यालय, राजकीय स्कूल, जलापूर्ति विभाग का नलकूप व श्मशान घाट के अलावा आसपास बने मकानों व दुकानों में जलभराव हो गया।
स्कूल और बीईओ कार्यालय बने तालाब
कोटला मार्ग स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल में शनिवार रात को हुई बरसात का पानी भर गया। पानी कमरों तक पहुंच गया। इसके अलावा बीईओ कार्यालय परिसर में बरसाती पानी पूरी तरह से भर गया। कल से स्कूल खुलने वाले है अगर जलभराव कम न हुआ तो बच्चों का कक्षाओं तक पहुंचना मुश्किल हो जाएगा। जलभराव कम होने पर भी बच्चों को कीचड़ व बदबू का सामना करना पड़ेगा। पानी को जल्दी ही निकालने का प्रबंध न किया गया तो स्कूल के भवन में बने कमरों के ढहने का खतरा बन सकता है।