संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर की सरकार के लिए होने वाले चुनावी समर के लिए सियासी रणभूमि लगभग तैयार हो चुकी है। नामांकन प्रक्रिया 11 फरवरी से शुरू होगी। लेकिन अभी तक किसी भी दल ने अपने चुनावी महारथियों के नामों का एलान नहीं किया। सत्ताधारी भाजपा और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस प्रत्याशियों के नामों पर चर्चाएं कर रहे हैं। माना जा रहा है कि एक दो दिन में नाम फाइनल होंगे। अभी किसी दल ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं।
नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी के दूसरे बोर्ड का कार्यकाल पूरा हुए एक साल से ज्यादा का समय बीत चुका है। गत वर्ष सात जनवरी को बोर्ड का कार्यकाल समाप्त हो गया था। इसके बाद से ही लोग शहर की सरकार के गठन के लिए चुनाव का इंतजार कर रहे हैं। पहले लोकसभा चुनाव और फिर विधानसभा चुनाव होने के कारण यह इंतजार एक साल तक बढ़ता रहा।
अब चुनाव की रणभेरी बज चुकी है। 11 फरवरी से मेयर व पार्षदों के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी। ऐसे में दावेदार 17 फरवरी तक नामांकन कर सकते हैं। इसके बाद दो मार्च को मतदान होगा। चुनाव को लेकर मतदाताओं में पूरा उत्साह है। लेकिन अभी तक सियासी दलों ने उस तरह का उत्साह नजर नहीं आ रहा। नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के एक दिन पहले तक किसी भी दल ने मेयर पद के लिए प्रत्याशी का नाम फाइनल नहीं किया।
भाजपा ने मेयर और पार्षद पद के प्रत्याशी घोषित करने के लिए नामों का पैनल तैयार किया था। जिला अध्यक्ष मेयर पद के लिए पांच नामों का पैनल तैयार कर दिल्ली दरबार पहुंच गए हैं। जहां पर मेयर प्रत्याशी को लेकर मंथन चल रहा है। पार्टी सूत्रों का दावा है कि दो नामों पर पेंच फंसा हुआ है। जिस कारण अभी कुछ भी फाइनल नहीं हुआ है। उधर, कांग्रेस ने भी शहर में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की बैठक बुलाई। बैठक में मेयर और पार्षद प्रत्याशियों को लेकर मंथन किया गया। इसके बाद पार्टी हाईकमान को दावेदारों के नाम भेजे जा रहे हैं।