साढौरा। यहां हिमाचल की पहाड़ियों से सटी टोडरपुर व नानहड़ी पंचायत में अभिशाप बने चेक डैम एक बार फिर से जीवित होंगे। इनका 5.70 करोड़ रुपये (टोडरपुर में 3.34 करोड़ रुपये व नानहड़ी 2.43 करोड़ रुपये) की राशि से इनका नवीनीकरण होगा। ऐसे में क्षेत्र का सूखा खत्म तो होगा, साथ ही यहां की एक हजार एकड़ भूमि भी सिंचित होगी। वहीं, इन दोनों साइटों का वीरवार को अटल भूजल योजना की टीम भी निरीक्षण करेगी।
ज्ञात हो खंड साढौरा के इन गांवों में सिंचाई का साधन न होने के कारण यहां खेती केवल बारिश के पानी पर ही निर्भर है। चूंकि यहां की जमीन पथरीली होने के चलते ट्यूबवेल ही नहीं लग सकता। ऐसे में इन चेक डैमों से खेती की सिंचाई होती थी, लेकिन अनदेखी के चलते इन चेक डैमों में गाद जम गई और पानी का भी सूखा पड़ने लगा। संवाद
डैम से पाइपलाइन का भी प्रपोजल
चेक डैम पहाड़ों की तलहटी में बने हैं, बरसात होने पर हिमाचल की पहाड़ियों से इन चेक डैमो में स्टोर होता था। लेकिन नवीनीकरण के दौरान इन चैक डैमो को जीवंत तो किया जाएगा, साथ ही सिंचाई के लिए गांव तक पाइपलाइन बिछाने का भी प्रपोजल है। इस पाइपलाइन से खेतों में पानी भेजा जाएगा तो कुछ ग्रामीणों के लिए। वहीं चेक डैम के नवीनीकरण होने से बाढ़ का भी खतरा खत्म होगा। बता दें पहाड़ी क्षेत्र और गहरे जल स्तर के कारण यहां पानी की गंभीर समस्या रही, ऐसे में साल 2001-2002 में वन विभाग ने कंडी योजना के तहत इन पंचायतों के लिए चेक डैम बनाए गए थे। यहां ग्रामीणों के अनुसार, 2001 से पहले यहां का भूजल स्तर अधिक था।
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वर्जन
चेक डैमों का नवीनीकरण का कार्य भी जल्द शुरू हो जाएगा। इन दोनों साइट का निरीक्षण करने के लिए टीम वीरवार को मौके पर जाएगी। इनके नवीनीकरण से एक हजार एकड़ भूमि के सिंचाई के साधन खुलेंगे तथा दूसरा क्षेत्र में बाढ़ का खतरा भी कम होगा।
-भूपेंद्र सिंह, आईईसी विशेषज्ञ अटल भूजल योजना।