संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। जिला 15 घंटे तक घने कोहरे के आगोश में रहा। शुक्रवार रात आठ बजे से छाया घना कोहरा शनिवार सुबह 11 बजे तक रहा। रात को घना कोहरा इतना ज्यादा था कि सड़कों पर कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। सारी रात जिला कोहरे की सफेद चादर से ढका रहा। दृश्यता अब तक के सबसे न्यूनतम बिंदु पर रही। इससे यातायात प्रभावित रहा।
वाहन चालकों को कुछ फीट दूर देखने में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान हाईवे पर वाहन 20 से 30 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से रेंगते नजर आए। जगाधरी- बिलासपुर स्टेट हाईवे पर निर्माणाधीन हाईवे पर गन्ने से लदी ट्रैक्टर-ट्राली पलट गई, जिससे वहां जाम लग गया। घने कोहरे में कोई हादसा न हो इसके लिए बाइक व कार चालक ट्रकों व अन्य वाहनों के पीछे बहुत धीमी गति से चल रहे थे।
कई जगह तो वाहन एक दूसरे से भिड़ने से बचे। रातभर पेड़ों से ओस की बूंदें बारिश की तरह टपकती रही। सड़कें ओस से गीली दिखी। वहीं कोहरे का रेल यातायात पर भी व्यापक असर देखने को मिला। कोहरे ने ट्रेनों की रफ्तार पर लगाम लगा दी। इस दौरान ट्रेनें 10 से 15 किमी. प्रतिघंटा की रफ्तार से चली। रेलवे को ट्रेनों के सुरक्षित संचालन के लिए पटाखों का सहारा लेना पड़ा रहा है। कोहरे के कारण लोको पायलट को सिग्नल नहीं देखते हैं, ऐसे में पटाखे लगाकर सिग्नल दिया जाता है।
शनिवार को 10 दिन बाद धूप निकलने पर लोगों के चेहरे खिल गए। इस दौरान पार्कों, बगीचों, गलियों व घरों की छतों पर लोगों ने धूप का लुत्फ उठाया। कई दिन बाद निकली धूप ने लोगों को कड़ाके की सर्दी से भारी राहत पहुंचाई। इसके साथ ही अन्य दिनों की अपेक्षा तापमान में मामूली सी वृद्धि देखने को मिली।