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Yamuna Nagar News: जिले की अदालतों में 59,851 मुकदमों का बोझ

Mon, 02 Feb 2026 01:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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जिला न्यायालय परिसर। आर्काइव
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। जिले की अदालतों में लंबित मामलों का आंकड़ा चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जिले की अदालतों में कुल 59,851 मुकदमेें विचाराधीन हैं। इनमें से 5925 मामले ऐसे हैं, जो दस साल से भी अधिक समय से अदालतों में लंबित पड़े हैं।
यह स्थिति न सिर्फ न्यायिक व्यवस्था की चुनौतियों को उजागर करती है, बल्कि आम लोगों के न्याय पाने के अधिकार पर भी सवाल खड़े करती है। लंबित मामलों में कई केस ऐसे भी हैं, जिनमें हाई कोर्ट से स्टे लगा हुआ है। स्टे के चलते सुनवाई आगे नहीं बढ़ पा रही, जिससे वर्षों तक फैसले अटके रहते हैं।
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कानून के जानकारों का मानना है कि लंबे समय तक मामलों के लटके रहने से पक्षकारों को मानसिक, आर्थिक और सामाजिक नुकसान उठाना पड़ता है। आंकड़ों पर नजर डालें तो एक से तीन साल के बीच के लंबित मामलों की संख्या 22,983 है, जो कुल पेंडेंसी का बड़ा हिस्सा है। इनमें सिविल के 8845 और क्रिमिनल के 14,138 केस शामिल हैं। इसके अलावा एक साल पुराने मामलों की संख्या भी कम नहीं है। सिविल के 9938 और क्रिमिनल के 11,071 केस ऐसे हैं, जो एक साल से अदालतों में विचाराधीन हैं।
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तीन से पांच साल के बीच के मामलों की बात करें तो सिविल के 4835 और क्रिमिनल के 6985 केस अभी तक निपट नहीं पाए हैं। वहीं पांच से दस साल के बीच लंबित मामलों में सिविल के 2856 और क्रिमिनल के 3069 केस शामिल हैं। फिलहाल आंकड़े यही संकेत दे रहे हैं कि जब तक न्यायिक व्यवस्था में संरचनात्मक सुधार नहीं होते, तब तक जिला अदालतों में लंबित मामलों का बोझ यूं ही बना रहेगा।
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