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बेसिक वेतन की मांग नहीं हुई पूरी, जारी रहेगा अतिथि अध्यापकों का आंदोलन

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सहारनपुर हाईवे पर धरना के दौरान बातचीत करते अध्यापक। संवाद - फोटो : Yamuna Nagar
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के चलते अतिथि अध्यापकों का आंदोलन भी बढ़ गया। सीएम के पीएसओ मंत्रिमंडल विस्तार कार्यक्रम में व्यस्त थे। इस पर अतिथि अध्यापक उनसे मिल नहीं पाए। अभी अध्यापकों की दो मुख्य मांगे बाकी है, जब तक यह मांगे लिखित में पूरी नहीं की जाती, धरना जारी रहेगा।
मांगों को लेकर अतिथि अध्यापक पांचवें दिन भी सहारनपुर हाईवे पर डटे रहे। संघर्ष समिति की अभी तक पीएसओ अमित अग्रवाल से न बात हो पाई है और न ही मुलाकात हुई है। ऐसे में वीरवार को भी अध्यापकों का धरना जारी रहेगा। तीन बार पीएसअ अमित अग्रवाल से बातचीत के प्रयास किए गए हैं, वहीं दो बार प्रतिनिधिमंडल मिलने इसके लिए चंडीगढ़ भी गया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। संघर्ष समिति के नितिन लांबा ने बताया कि बेसिक सेलरी व पोस्ट वॉकेंट पर अभी तक कोई बात नहीं हुई है। मौलिक शिक्षा निदेशक व सेकेंडरी निदेशक से उनकी सहमति बन गई है।
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दोनों अधिकारियों से काम व समस्याओं को लेकर चर्चा की गई थी। बेसिक सेलरी के लिए पीएसओ अमित अग्रवाल से बात होनी थी, जो नहीं हुई है। नितिन लांबा ने कहा कि अमित अग्रवाल मंत्रिमंडल विस्तार कार्यक्रम के लिए गए हुए थे। इसके लिए प्रतिनिधिमंडल चंडीगढ़ भी गया था, लेकिन वहां भी वे नहीं मिले। नितिन लांबा ने आरोप लगाते हुए कहा कि शिक्षामंत्री भ्रम फैला रहे हैं कि अतिथि अध्यापकों की सभी मांगे मान ली गई हैं, लेकिन यह सही नहीं है।
उनकी मुख्य मांगे अभी भी लंबित हैं। इस बार अतिथि अध्यापक लिखित आदेश जारी होने के बाद ही धरना समाप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि अतिथि अध्यापक सर्दी में धरना दे रहे हैं, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी जा रही है। नितिन लांबा ने बताया कि समिति की ओर से मिलने का समय मांगा गया है, संभव है कि वीरवार को समय मिल जाए। इस दौरान अध्यापकों पर केस दर्ज करने का मुद्दा भी रखा जाएगा।
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केस दर्ज करना गलत, प्रदर्शन संवैधानिक हक
प्रशासन की ओर से 47 अतिथि अध्यापकों पर आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। संघर्ष समिति सदस्यों का कहना है कि इस तरह उन पर केस दर्ज करना गलत है।वे संवैधानिक दायरे में रहकर प्रदर्शन कर रहे हैं और प्रदर्शन करना उनका अधिकार है। इसके लिए उन्हें प्रताड़ित नहीं किया जा सकता है। उनका मनोबल तोड़ने के लिए केस दर्ज किया गया है। अतिथि अध्यापक अपना हक लिए बिना नहीं उठेंगे।
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