स्टेडियम रोड पर बैठे लावारिस कुत्ते। संवाद
यमुनानगर। शहर के लावारिस कुत्तों की बढ़ती संख्या और काटने के बढ़ते मामलों को देखते हुए नगर निगम ने इनकी नसबंदी कराने का निर्णय लिया। यह काम नगर निगम एजेंसी या एनजीओ से कराएगा। इस कार्य के लिए 1.25 करोड़ रुपये का एस्टीमेट बनाया गया है। फाइल फाइनेंशियल कमेटी को भेजी गई है। अनुमति मिलने व औपचारिकताएं पूरी होने के बाद जुलाई तक ई-निविदा लगाने की संभावना है।
वर्ष 2017 में 16,170 कुत्तों की हुई थी नसबंदी : नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी क्षेत्र में लावारिस कुत्तों की नसबंदी आखिरी बार वर्ष 2017 में हुई। तब 16170 कुत्तों की नसबंदी पर 1.45 करोड़ रुपये खर्च आना बताया गया। इसके बाद से सात वर्षों में लावारिस कुत्तों की नसबंदी नहीं हो पाई। इससे इनकी संख्या लगातार बढ़ती गई और इनके द्वारा लोगों को काटने के मामले भी बढ़े। खासकर बच्चों, बुजुर्गों व महिलाओं या खान-पान का सामान लेकर जाते लोगों पर कुत्ते झपट पड़ते हैं। इन हालात से दुखी शहर के लोग लावारिस कुत्तों की मांग कर रहे हैं। शहर की पिछली सरकार (मेयर व 22 पार्षदों) के कार्यकाल में नवंबर-2020 की सदन बैठक में लावारिस कुत्तों की नसबंदी कराने का प्रस्ताव भी पास हुआ। इसके बाद जगाधरी से पूर्व विधायक कंवरपाल ने मंत्री ने भी रहते नगर निगम को कुत्तों की नसबंदी कराने के लिए पत्र लिखा। बावजूद इसके लावारिस कुत्तों की नसबंदी का काम अधर में लटका रहा।
6,500 कुत्तों की नसबंदी का बना अनुमान ः निगम अफसरों ने जो सवा करोड़ रुपये का एस्टीमेट बनाया है, उसमें शहर के 6,500 लावारिस कुत्तों की नसबंदी कराने की योजना है। इस पर फाइनेंशियल कमेटी की अनुमति लेने के साथ अफसर ई निविदा के लिए काम के नियम-शर्तें भी तय कर रहे हैं।
2024 में 2239 लोगों को कुत्तों ने काटा ः शहर की लगभग हर कॉलोनी में ही लावारिस कुत्तों के झुंड दिखाई देते हैं। वर्ष-2024 में 2239 लोगों को कुत्तों द्वारा काटने के मामले आए। ऐसे ही वर्ष-2025 में भी कुत्तों के काटने के मामले सामने आ रहे हैं।