यमुनानगर। नगर निगम का वित्त वर्ष 2026-27 का बजट इस बार शहर की सड़कों और गलियों की सूरत बदलने पर केंद्रित रहेगा। नगर निगम की 16 फरवरी को जिमखाना क्लब में होने वाली बजट बैठक में खराब सड़कों और गलियों के निर्माण के लिए 50 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड प्रावधान रखा गया है।
इसके अलावा मरम्मत कार्यों के लिए अलग से आठ करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है। यानी कुल 58 करोड़ रुपये सड़क नेटवर्क को मजबूत करने पर खर्च होंगे। मौजूदा वित्त वर्ष में निर्माण के लिए केवल 14 करोड़ रुपये का बजट था, जिसमें से अब तक 4.98 करोड़ रुपये ही खर्च हो सके हैं। वहीं मरम्मत के लिए दो करोड़ रुपये का प्रावधान था, जिसमें से 1.42 करोड़ रुपये ही उपयोग हो पाए।
ऐसे में आगामी वर्ष के लिए बजट में कई गुना बढ़ोतरी यह संकेत दे रही है कि निगम बुनियादी ढांचे को दुरुस्त करने के लिए गंभीर है। शहर में टूटी सड़कों और बदहाल गलियों की लगातार मिल रही शिकायतों के बीच यह फैसला अहम माना जा रहा है।सड़कों के अलावा अन्य मदों में भी बजट में बढ़ोतरी की गई है। शहर में बेसहारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए पहली बार दो करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है, जबकि पहले यह राशि महज 25 लाख रुपये थी। सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण का बजट पांच लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दिया गया है और उनकी मरम्मत के लिए अलग से 32 लाख रुपये रखे गए हैं।
पार्कों की सुंदरता बढ़ाने के लिए भी निगम ने कदम बढ़ाया है। पौधरोपण के लिए बजट पांच लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दिया गया है।सरकारी गाड़ियों में हर साल कितना पेट्रोल-डीजल लगता है इसका आंकलन संबंधित ब्रांच के अधिकारी इस बार ठीक से नहीं बना पाए। मौजूदा साल के लिए सरकारी गाड़ियों में पेट्रोल व डीजल डलवाने के लिए 20 लाख रुपये का बजट रखा था।
परंतु इससे ढाई गुणा ज्यादा 54 लाख 81 हजार 572 रुपये का पेट्रोल गाड़ियों डलवाया गया। यही वजह है कि आगामी वित्त वर्ष के लिए इस बजट को बढ़ाकर 20 लाख रुपये से सीधा 60 लाख रुपये कर दिया गया है।
बजट प्रस्ताव के कुछ प्रावधान सवाल भी खड़े कर रहे हैं। चालू वित्तीय वर्ष विज्ञापनों से एक करोड़ रुपये की आमदनी होने का अनुमान लगाया गया था, लेकिन निगम को इस मद में एक रुपये की भी आमदनी नहीं हो पाई। शहर की सड़कें और चौराहे विज्ञापन बोर्डों से भरे होने के बावजूद आय शून्य रहना चर्चा का विषय है। इसके बावजूद आगामी वर्ष के लिए विज्ञापन आय का लक्ष्य बढ़ाकर दो करोड़ रुपये कर दिया गया है। संवाद
सफाई कर्मचारियों पर मेहरबान निगम
नगर निगम इस बार अपने सफाई कर्मचारियों पर पूरा मेहरबान दिख रहा है। सफाई कर्मचारियों को तेल व साबुन के लिए दिया जाने वाला बजट 20 लाख रुपये से बढ़ाकर सीधे 50 लाख रुपये किया गया है। इस साल कर्मचारियों को 40.37 लाख रुपये का साबुन व तेल दिया गया। इसी तरह कर्मचारियों की वर्दी का बजट भी 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 30 लाख रुपये किया गया है। इस साल 28.48 लाख रुपये से वर्दी खरीद कर कर्मचारियों को दी गई है।
सड़कें विकास की धुरी हैं, इसलिए सड़कों व गलियों के निर्माण और मरम्मत पर ज्यादा फोकस रखा गया है। अवैध से वैध हुई कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। पार्कों में सुंदरता को बढ़ावा देने के साथ सफाई कर्मचारियों की सुविधाओं का भी ध्यान आगामी बजट में रखा गया है। -सुमन बहमनी, मेयर, यमुनानगर जगाधरी नगर निगम।