संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बुधवार को डीसी पार्थ गुप्ता से बात कर बाढ़ बचाव कार्यों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने डीसी से घोड़ो पीपली गांव का हाल पूछा। इससे पूर्व पार्थ गुप्ता ने जिला सचिवालय में बरसात के पानी की अधिक मात्रा व बाढ़ बचाव के संदर्भ में जिला के अधिकारियों की बैठक की।
इस पर डीसी पार्थ गुप्ता ने उन्हें बताया कि उन्होंने स्वयं मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने तुरंत पानी के बहाव में पाइप लाइन डालकर आने जाने का रास्ता बना दिया है ताकि घोड़ो पीपली से टापू माजरी तक आसानी से जाया जा सके।
यमुना के किनारे स्ट्ड लगाने का कार्य किया जा रहा है। कुछ गांवों के खेतों में जलभराव की स्थिति है, आबादी के क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति नहीं है। जिन क्षेत्रों में अत्याधिक बरसात के पानी का जमाव होता है वहां धीरे-धीरे यह स्तर कम हो जाता है। चार गांवों में चार मकानों की आंशिक रूप से क्षति हुई है मकानों की मरम्मत करवाने के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
उन्होंने बताया कि 22 जून से एक जुलाई तक जगाधरी में 465 एमएम, व्यासपुर में 249 एमएम, रादौर में 169 एमएम, छछरौली में 257 एमएम, सरस्वतीनगर में 190 एमएम, साढौरा में 201 एमएम, प्रतापनगर में 421 एमएम बरसात हुई है जो पिछले साल की तुलना में बहुत अधिक है।
समाधान शिविरों की भी ली जानकारी
मुख्यमंत्री ने डीसी को निर्देश दिए कि जिन जिलों में समाधान शिविर में प्राप्त शिकायतों के समाधान के कार्य कम हो रहे है उन्हें जल्द से जल्द पूर्ण करें। पार्थ गुप्ता ने सीएम को बताया कि आठ अक्तूबर 2024 से 30 जून 2025 तक यमुनानगर में 1190 शिकायतें प्राप्त हुई, जिसमें से 797 समस्याओं का समाधान किया गया, 275 समस्याएं लंबित हैं तथा 118 समस्याएं रिजेक्ट हैं। उन्होंने बताया कि समाधान शिविर में जिन लोगों की परिवार पहचान पत्र में व्हीकल मेंशन है और उसकी सालाना आय एक लाख 80 हजार रुपये से कम है, ऐसे पात्रों का परिवार पहचान पत्र ठीक करके उन्हें सरकार की योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।