संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार नायक ने केंद्र सरकार से मांग की है कि सर्वाइकल कैंसर और ब्रेस्ट कैंसर की रोकथाम के लिए कोरोना वैक्सीन की तर्ज पर निशुल्क टीकाकरण की व्यवस्था की जाए। यदि सरकार ऐसा करने में सक्षम नहीं है तो कम से कम सर्वाइकल कैंसर की वैक्सीन को जीएसटी मुक्त किया जाए।।
डॉ. नायक रविवार को जगाधरी रोड स्थित एक होटल में आईएमए हरियाणा की प्रदेश कार्यकारिणी के गठन कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इसमें प्रदेशभर से काफी संख्या में डॉक्टर उपस्थित रहे। उन्होने कहा कि देश में हर दिन सर्वाइकल और ब्रेस्ट कैंसर के मामलों में इजाफा हो रहा है। समय रहते वैक्सीन लगा दी जाए तो 99 प्रतिशत तक लड़कियों और महिलाओं को इस जानलेवा बीमारी से बचाया जा सकता है।
कैंसर का इलाज होने के बाद जहां जान का खतरा रहता है, वहीं इलाज पर भारी खर्च भी उठाना पड़ता है। आईएमए देशभर में विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से सात से 14 वर्ष की उम्र की लड़कियों को निशुल्क सर्वाइकल कैंसर वैक्सीन उपलब्ध करवा रही है। अमेरिका में रह रहे भारतीयों की एक संस्था से भी बातचीत हुई है, जिसने हर साल वाराणसी और गांधीनगर में 200-200 वैक्सीन निशुल्क उपलब्ध कराने की सहमति दी है।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान यमुनानगर से डॉ. सुनीला सोनी को आईएमए हरियाणा का प्रदेश अध्यक्ष, डॉ. योगेश जिंदल को राज्य सचिव और डॉ. दीपिका अग्रवाल को कोषाध्यक्ष चुना गया है। डॉ. नायक ने कहा कि आईएमए ने सरकार से कुल जीडीपी का 2.5 प्रतिशत स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च करने की मांग की थी, लेकिन इसमें अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं की गई।
उन्होंने मेंटल अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर खोलने की घोषणा को उन्होंने स्वागत योग्य बताया। कोरोना काल का जिक्र करते हुए डॉ. नायक ने बताया कि सरकारी डॉक्टरों की मृत्यु पर उनके परिजनों को 50 लाख रुपये की बीमा राशि दी गई थी, लेकिन निजी डॉक्टरों को इससे वंचित रखा गया। आईएमए ने इस मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट में उठाया, जिसके बाद निजी डॉक्टरों के परिजनों को भी बीमा राशि देने के आदेश जारी हुए।
उन्होंने सभी प्रदेश सरकारों से सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करने की अपील की। आयुष्मान भारत योजना पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि निजी अस्पताल इस योजना के तहत इलाज कर रहे हैं, लेकिन भुगतान में जानबूझ कर देरी की जा रही है। बीमा कंपनियां और अधिकारी बाधाएं खड़ी कर रहे हैं, जिस पर सरकार को गंभीरता से संज्ञान लेना चाहिए।
आईएमए की नई प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुनीला सोनी का स्वागत करते पदाधिकारी। संवाद