संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। इस साल की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत 14 मार्च को आयोजित होगी। इसका पूरा प्रारूप तैयार किया जा रहा है। पिछली बार की तरह इस बार भी छह बेंच लगाए जा सकते हैं। 16 हजार से अधिक मामलों की सुनवाई होने का लक्ष्य रखा जा रहा है। इस लोक अदालत में ऐसे मामलों की सुनवाई की जाएगी जिन्हें आपसी सहमति से सुलझाया जा सकता है।
लोक अदालत में आपराधिक मामलों के अलावा धारा-138 एनआई एक्ट, बैंक रिकवरी केस, एमएसीटी, वैवाहिक विवाद, श्रम विवाद, भूमि अधिग्रहण, बिजली-पानी से जुड़े मामले (गैर शमन योग्य मामलों को छोड़कर), वेतन-भत्ते व पुन: परीक्षण लाभ से जुड़े सेवा मामले तथा राजस्व सहित अन्य सहायक मामलों को शामिल किया जाएगा।
पिछली राष्ट्रीय लोक अदालत में जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरसी डिमरी की देखरेख में आपसी सुलह समझौते के आधार पर 14499 में से 13950 मुकदमों का निस्तारण किया गया था। मुआवजे के रूप में 3 करोड़ 03 लाख 67 हजार 945 रुपये की राशि सरकारी खजाने में जमा हुई थी। वहीं लोक अदालत को लेकर छह बेंच लगाए गए थे। इनमें पांच यमुनानगर-जगाधरी तथा एक बेंच व्यासपुर अदालत में लगाया गया था। अदालत परिसर में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो इसके लिए हेल्प डेस्क भी लगाए गए थे।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सीजेएम सुमित्रा कादियान का कहना है कि राष्ट्रीय लोक अदालतें आपसी सहमति से विवाद निपटाने का प्रभावी मंच साबित हो रही है। यहां सुनाया गया फैसला सामान्य अदालत के फैसले के समान ही मान्य होता है। लोक अदालत के माध्यम से लोगों को सस्ता, सुलभ और त्वरित न्याय मिलता है। कानूनी सहायता के लिए इच्छुक व्यक्ति नालसा के टोल फ्री नंबर 15100 पर संपर्क कर सकते हैं।