संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य ठेका कर्मचारियों की ओर से काम नहीं करने पर स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हैं। इससे वहां दाखिल मरीजों के अलावा अन्य रोगी भी परेशान हैं। मरीजों के जख्मों पर मरहम पट़्टी करने के लिए कोई कर्मचारी नहीं है। परिजन मरीजों को लेकर भटक रहे हैं।
एक से डेढ़ दशक से काम कर रहे कर्मचारियों को अब सफाई का कार्य करने के आदेश जारी किए गए हैं। इसके विरोध में कर्मचारियों ने सोमवार को भी सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन कर रोष जताया। वहीं वहीं स्टाफ नर्स मरीजों से दो टूक कह रही हैं कि पट्टी करना उनका काम नहीं है। उनके पास स्टाफ नहीं है। टूटी टांग के साथ मरीज इंतजार में बैठे हैं कि कब कर्मचारी आएगा और प्लास्टर करेगा। इसके अलावा अस्पताल के लेबर रूम से लेकर अन्य कार्य प्रभावित हैं।
अस्पताल के लेबर रूम में भी चतुर्थ श्रेणी स्टाफ न होने से काम प्रभावित हो रहा है। लेबर रूम में कुल सात कर्मचारियों की ड्यूटी थी, जिसमें से पांच हड़ताल पर हैं। दो कर्मचारी ऐसे हैं जिनसे कंप्यूटर पर व सिक्योरिटी गार्ड का काम लिया जा रहा था। अब उनसे किसी तरह काम करवाया जा रहा है। लेबर रूम में ऑप्रेशन करने के दौरान मेडिकल उपकरण पकड़ाने, बेड की चादर बदलने, ड्रेसिंग समेत अन्य कार्य बुरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं।
किसी ने पट्टी नहीं की : शिव कुमार बूड़िया के दयालगढ़ गांव निवासी शिव कुमार ने बताया कि उसकी पत्नी ममता तीन दिन पहले घर में सीढ़ी से गिर गई थीं। उनकी दाई आंख के ऊपर बहुत चोट लगी थी। वह उन्हें लेकर जिला नागरिक अस्पताल आया था। जख्म गहरा होने के कारण इमरजेंसी में डाॅक्टर ने ममता को भर्ती कर लिया था। सोमवार को उसकी आंख पर हुई पट्टी बदली जानी थी। वह पत्नी की पट्टी बदलने के लिए महिला वार्ड में स्टाफ नर्स के पास गया तो वहां से जवाब मिला कि नीच इमरजेंसी में चले जाएं। पत्नी को व्हील चेयर पर बिठाकर वह खुद ही ट्रामा सेंटर में लेकर गया। वहां पर स्टाफ नर्स ने कहा कि पट्टी करना उनका काम नहीं है। जहां भर्ती है, वहीं पट्टी करवाओ। इसके बाद वह पीएमओ डॉ. नवजोत किरन टिवाना से मिला। पीएमओ ने ऑपरेशन थियेटर में जाकर पट्टी करवाने को कहा, लेकिन वहां पर पट्टी करने वाला कोई नहीं था।
पक्का प्लास्टर कराने के लिए तीन दिन से आ रहे
कन्हैया साहिब चौक के नजदीक रहने वाले अर्जुन ने बताया कि दुर्घटना से उसकी बाई टांग में फ्रेक्चर आ गया था। जिला नागरिक अस्पताल में एक्सरे होने के बाद उसकी टांग पर कर्मचारी ने कच्चा प्लास्टर कर दिया था। डॉक्टर ने अब पक्का प्लास्टर कराने के लिए कहा। वह तीन दिन से अस्पताल में प्लास्टर करवाने के लिए आ रहा है, लेकिन कर्मचारी नहीं हैं। उसे बताया गया है कि कर्मचारी हड़ताल पर हैं। उसके पिता भी परेशान हो रहे हैं। वह अपना काम छोड़ कर उसके साथ अस्पताल आ रहे हैं।
हमारे पास सिविल सर्जन डाॅ. मंजीत सिंह के आदेश आए हैं कि सफाई कर्मचारियों को अन्य कार्यों से हटाकर उनका मूल काम कराया जाए। उनके आदेशों का पालन किया गया है। इसके विरोध में कुछ कर्मचारी काम छोड़ कर धरने पर बैठ गए हैं। इससे अस्पताल का कार्य प्रभावित हुआ है।
- नवजोत किरन टिवाना, पीएमओ, जिला नागरिक अस्पताल यमुनानगर।