संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। हर मानसून में शहर की सड़कों पर होने वाले जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान तलाशने के लिए नगर निगम ने विशेषज्ञ एजेंसी की सेवाएं ली हैं। यह एजेंसी पूरे नगर निगम क्षेत्र में सीवरेज नेटवर्क, नालों और नालियों की क्षमता, लेवल, ढाल और निर्माण संबंधी तकनीकी सर्वे करेगी।
मेयर सुमन बहमनी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई समीक्षा बैठक में नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद और कार्यकारी अभियंता विकास धीमान ने बताया कि जिन क्षेत्रों में हर वर्ष सबसे अधिक जलभराव की समस्या रहती है, वहां सर्वे का कार्य शुरू भी कर दिया गया है। सर्वे के दौरान जहां तकनीकी खामियां सामने आएंगी, वहां संबंधित विभाग के माध्यम से सुधार कार्य कराया जाएगा।
बैठक में 24 फरवरी को हुई नगर निगम सदन की साधारण बैठक में पारित 63 प्रस्तावों पर हुई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। मेयर ने अधिकारियों से सभी प्रस्तावों की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट मांगी और निर्देश दिए कि 16 जुलाई को होने वाली अगली हाउस बैठक में प्रत्येक प्रस्ताव पर पूरी तैयारी के साथ जवाब प्रस्तुत किया जाए।
बैठक में मानसून के दौरान जल निकासी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को शहर की सड़कों को गड्ढामुक्त करने, स्टॉर्म वाटर लाइन के मैनहोल पर ढक्कन लगाने, चौकों के सुंदरीकरण तथा वार्डों में आवश्यक मरम्मत कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए।
अंडरग्राउंड नालों की बेहतर सफाई के लिए नई जेटिंग मशीन खरीदने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इसके अलावा शहर में पौधारोपण अभियान के तहत स्कूलों, खाली सरकारी भूमि और सार्वजनिक स्थलों पर जामुन, अमरूद सहित फलदार पौधे लगाए जाएंगे। बैठक में सामुदायिक केंद्रों की बुकिंग व्यवस्था शुरू करने पर भी सहमति बनी। छोटे और बड़े सामुदायिक केंद्रों के लिए अलग-अलग शुल्क तय किए जाएंगे तथा उनके रखरखाव के लिए बेलदार तैनात किए जाएंगे।
हाल ही में नियमित घोषित 76 कॉलोनियों में विकास कार्यों को गति देने के लिए भी अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि अधिसूचना जारी होने से पहले ही सड़कों, नालियों और अन्य मूलभूत सुविधाओं के प्रारंभिक एस्टीमेट तैयार कर लिए जाएं, ताकि मंजूरी मिलते ही टेंडर जारी कर विकास कार्य शुरू किए जा सकें।