संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जमीन के बयाना कर सौदे के नाम पर धोखाधड़ी और हेराफेरी का मामला सामने आया है। आरोप है कि जमीन बेचने का इकरारनामा करने के बाद विक्रेताओं ने रजिस्ट्री कराने से इन्कार कर दिया। पुलिस ने तीन आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज की है। जगाधरी की विश्वकर्मा कॉलोनी निवासी सुनील कुमार ने शिकायत में बताया कि गांव मानकपुर निवासी रविंद्र सिंह के माध्यम से उसकी कस्बा व्यासपुर निवासी प्रेम कुमार और आकाश से मुलाकात हुई थी। बातचीत के बाद व्यासपुर क्षेत्र में स्थित उनकी जमीन का सौदा तय हुआ। 9 मार्च 2024 को इकरारनामा किया गया, जिसके तहत प्रेम कुमार ने 13 कनाल 5 मरले और आकाश ने 21 कनाल 18 मरले जमीन बेचने का करार किया।
दोनों सौदों में कुल 40 लाख रुपये बतौर बयाना बैंक, चेक और नकद के माध्यम से दिए गए। साथ ही जमीन का कब्जा भी पीड़ित को सौंप दिया गया। रजिस्ट्री की तारीख 15 जून 2025 तय की गई थी। इकरारनामे की शर्तों के अनुसार मिट्टी का भराव कराया, रास्ता और नाला बनवाया, जिस पर 50 लाख रुपये से अधिक खर्च किए गए।
आरोप है कि कुछ समय बाद विक्रेताओं ने जमीन पर किसी भी तरह का काम करने से रोक दिया और रजिस्ट्री कराने से साफ मना कर दिया। बाद में जांच करने पर सामने आया कि प्रेम कुमार ने अपने हिस्से की जमीन ट्रांसफर डीड के जरिए अपने पुत्र राजीव के नाम कर दी और इंतकाल भी दर्ज करवा लिया। इसके बाद राजीव ने वही जमीन दोबारा आकाश को बेच दी, जबकि दोनों को बयाने की पूरी जानकारी थी। जब उसने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने जान से मारने की धमकियां दीं।