संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। बूड़िया गेट पुलिस चौकी क्षेत्र में 21 मार्च 2024 को गोल्डन पुरी कॉलोनी में अजय कुमार हत्याकांड मामले में वांछित मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के जिला फैजाबाद के गांव लाला निवासी अमित कुमार के रूप में हुई है। उसे जगाधरी की शांति कॉलोनी से पकड़ा गया।
पुलिस मृतक की पत्नी कोमल उर्फ रूबी और उसकी दिव्यांग दोस्त सोनम को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। कोमल का हत्यारोपी अमित के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। आरोपी को एक दिन के रिमांड पर लिया गया है। डीएसपी जगाधरी राजीव मिगलानी ने बताया कि मृतक अजय मूल रूप से बिहार के मोतीहारी जिले का रहने वाला था और यमुनानगर में प्लाईवुड फैक्टरी में काम करता था।
हत्या के बाद आरोपियों ने शव को ई-रिक्शा में डालकर बूड़िया रोड स्थित देवीलाल कॉलेज के सामने खेतों में फेंककर आग लगा दी थी। डीएसपी जगाधरी राजीव मिगलानी ने बताया कि मामले में अमित सहित दो महिलाओं के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया था। दोनों महिलाओं को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। मुख्य आरोपी वारदात के बाद से फरार चल रहा था। पुलिस उसकी लगातार तलाश कर रही थी।
मामले की जांच उप निरीक्षक विनोद कुमार और राजीव की टीम कर रही थी। टीम ने पुराने साक्ष्यों को खंगाला और तकनीकी जांच के साथ मोबाइल लोकेशन ट्रेस की। इसी दौरान गुप्त सूचना मिली कि आरोपी जगाधरी में छिपा हुआ है। सूचना के आधार पर शांति कॉलोनी में छापा मारकर उसे पकड़ लिया गया।
ई-रिक्शा में ले जाकर जलाया था शव
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अमित ने अजय के सिर पर लोहे की रॉड से वार कर उसकी हत्या की थी। वारदात के बाद आरोपी ने शव को ई-रिक्शा में डालकर बूड़िया रोड पर ले जाकर कपड़े में बांधकर आग लगा दी थी, ताकि पहचान मिटाई जा सके। डीएसपी के अनुसार आरोपी से पूछताछ जारी है और रिमांड के दौरान वारदात में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी का प्रयास किया जाएगा। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में हत्या से जुड़े अन्य अहम खुलासे भी हो सकते हैं। बता दें जिस दिन पुलिस को अधजली लाश मिली थी। मृतक की दाहिने हाथ पर अजय कुमार और कोमल गुदा हुआ मिला तथा ऊपर ‘ॐ’ का टैटू था। इसी आधार पर अगले दिन मृतक की पहचान अजय कुमार के रूप में हुई थी।
बिहार आने का दबाव बनाने पर रची थी साजिश
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। गोल्डन पुरी कॉलोनी में मार्च 2024 में हुई अजय कुमार की हत्या का मामला अब पूरी तरह खुल चुका है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि मृतक की पत्नी कोमल की दोस्ती उसकी सहेली सोनम के साथी अमित से हुई थी, जो धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई। कोमल ने अमित की मदद करते हुए उसे करीब 35 हजार रुपये देकर ई-रिक्शा भी दिलाई थी।
पुलिस के अनुसार इसी दौरान अजय बिहार चला गया और वहां दूसरी शादी कर ली। इसके बाद पति-पत्नी के रिश्तों में दूरियां बढ़ती चली गईं। अजय लगातार कोमल पर बच्चों के साथ बिहार आने का दबाव बना रहा था। कोमल यमुनानगर छोड़ना नहीं चाहती थी और अमित के साथ नई जिंदगी शुरू करने की सोच चुकी थी।
उधर अजय ने खर्चा देना बंद कर दिया और अमित के एक्सीडेंट के बाद उसकी आर्थिक परेशानी भी बढ़ गई। इन परिस्थितियों ने तीनों को ऐसा कदम उठाने के लिए उकसाया, जिसका अंजाम हत्या के रूप में सामने आया। पुलिस जांच में सामने आया कि 20 मार्च 2024 को तीनों ने मिलकर अजय को रास्ते से हटाने की साजिश रची और उसे बिहार से यमुनानगर बुला लिया।
घटना की रात अमित और सोनम एक दोस्त की जन्मदिन पार्टी में शामिल हुए और देर रात शराब पीने के बाद कोमल के घर पहुंचे। योजना के अनुसार अमित ने पहले कोमल और बच्चों को ई-रिक्शा में बाहर बैठा दिया और घर में सो रहे अजय पर हमला कर दिया। उसने लोहे की रॉड से अजय के सिर, मुंह और छाती पर कई वार किए। इसके बाद सोनम ने रसोई से चाकू उठाकर अजय की गर्दन और पेट पर कई वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस जांच में पता चला है कि वारदात को अंजाम देने के बाद मुख्य आरोपी अमित तुरंत यमुनानगर से फरार हो गया था और चंडीगढ़ जाकर छिप गया था। करीब दो साल तक वह पुलिस से बचता रहा और अलग-अलग जगहों पर रहकर अपनी पहचान छिपाने की कोशिश करता रहा। जांच में सामने आया कि गिरफ्तारी से महज 15 दिन पहले ही आरोपी ने शादी भी कर ली थी। इसके बाद वह फिर से यमुनानगर आकर जगाधरी की शांति कॉलोनी में छिपकर रहने लगा था।
हत्यारोपी को कोर्ट में लेकर जाती पुलिस। संवाद