संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। साढौरा में इमिग्रेशन सेंटर संचालक के घर फायरिंग के आरोपी आदित्य थापर को शुक्रवार को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। उसे सीआईए-2 की टीम घटनास्थल पर निशानदेही कराने लेकर पहुंची। इस दौरान पुलिस गाड़ी से उतरते ही आदित्य ने लंगड़ाते हुए निशानदेही कराई। बताया कि कैसे उसने वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद सीआईए-2 टीम ने आदित्य को कोर्ट में पेश किया, जहां उसे उसे हिरासत में भेज दिया गया।
मामले में पुलिस अभी तक 14 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें फायरिंग करने के आरोप पंचकूला के दुर्गा कॉलोनी निवासी साहिल कुमार, पंचकूला के बरवाला में अनाज मंडी निवासी आदित्य थापर पर हैं। हथियार मुहैया कराने के आरोप हिसार के गांव सुरेवाला निवासी नसीब उर्फ मोनू व सुमित कुमार पर हैं।
इन चारों सहित अन्य मददगारों में हिसार के गांव गुराना निवासी साहिल, अंबाला के मुलाना निवासी तरूण शर्मा, गांव बड़ा गांव निवासी अभिषेक उर्फ शेखर, अंबाला के रायपुर कालोनी निवासी निखिल, पतरेहड़ी निवासी भंवर सिंह, मघरपुरा निवासी वैभव उर्फ वन्नू, बरवाला निवासी शुभम, अंबाला के वाल्मीकि नगर निवासी अभय उर्फ सौदा, बिहटा निवासी शुभम, गांव बख्तुआ निवासी दीपक कुमार शामिल है।
सीआईए-2 प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि सात अक्टूबर को आदित्य थापर को गिरफ्तार किया था। जब पुलिस टीम उसे अन्य आरोपी की तलाश के लिए साथ लेकर जा रही थी, तब गांव सुखपुरा के पास उल्टी के बहाने आदित्य ने पुलिस की गाड़ी रुकवाई और भागने का प्रयास किया और पुल से कूद गया था। पैर की हड्डी टूटने पर वह अस्पताल में भर्ती था। शुक्रवार को उसे अस्पताल से छुट्टी मिल गई। तब पुलिस टीम ने उससे निशानदेही कराई।