संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। करोड़ों रुपये के धान घोटाले के आरोपी राइस मिलर संदीप सिंगला से दोबारा पूछताछ होगी। इसके लिए पुलिस ने मिलर को पांच दिन के प्रोडक्शन रिमांड पर लिया है। गत सप्ताह अदालत ने मिलर से दोबारा पूछताछ करने के लिए अदालत में अर्जी लगाई थी। मामले की जांच के लिए बनी एसआईटी अब थाना प्रतापनगर में दर्ज प्राथमिकी मामले में पूछताछ करेगी।
पुलिस का मानना है कि पूछताछ में कई और खुलासे हो सकते हैं। हालांकि मिलर को राजस्थान से गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उन्हें पहले आठ दिन के रिमांड पर लिया था। आठ दिन के रिमांड के दौरान गबन में क्या-क्या खुलासे हुए इस पर पुलिस कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। सूत्रों की माने तो मिलर ने डीएफएसी, हैफेड के अलावा कई अन्य अधिकारियों की संदिग्ध भूमिका बताई थी, लेकिन अभी तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
आरोपी मिलर को एसआईटी ने दो दिसंबर को राजस्थान से गिरफ्तार किया था। तब पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी रणजीतपुर स्थित राइस मिल में हुए गबन के आरोप में दिखाई थी। इस मामले में थाना व्यासपुर में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
इसके अलावा मिलर पर थाना प्रतापनगर और छछरौली में भी दो प्राथमिकी दर्ज हैं। अब पुलिस प्रतापनगर में हुए गबन को लेकर मिलर से पूछताछ करेगी। एसआईटी खुद मान रही है कि धान गबन का मामला बहुत बड़ा है। इसलिए कड़ियों को आपस में जोड़ा जा रहा है। लेकिन कड़ियां अभी कहां तक जुड़ी हैं इसके बारे में कुछ भी बताया नहीं जा रहा है। मामले में पुलिस पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए है।
पांच अधिकारियों पर हो चुकी है कार्रवाई
धान गबन में अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है। हैफेड व डीएफएससी के पांच अधिकारियों पर कार्रवाई हो चुकी है। निलंबन के बाद उन्हें दूसरे जिलों में संबंधित कार्यालयों से अटैच किया जा चुका है। परंतु अन्य स्टाफ अभी बचा हुआ है। जिन पर कार्रवाई कब होगी यह पूरी तरह से पुलिस पर निर्भर है।
आरोपी राइस मिलर संदीप सिंगला से दोबारा पूछताछ करने के लिए उन्हें कोर्ट से पांच दिन के प्रोडक्शन रिमांड पर लिया है। मामले में रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। जल्द ही इस मामले को सुलझा लिया जाएगा।
- राजीव मिगलानी, डीएसपी एवं एसआईटी इंचार्ज।