संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। ठंड का प्रकोप बढ़ने के साथ ही वायरल से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। जिला अस्पताल सहित सभी सीएचसी, पीएचसी के अलावा निजी अस्पतालों में सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार, पेट दर्द और शरीर में अकड़न जैसी शिकायतों को लेकर बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। रोजाना अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की भीड़ बढ़ती जा रही है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दबाव बढ़ गया है।
जिला अस्पताल में सुबह से ही मरीजों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। खासतौर पर बुजुर्ग व बच्चे और पहले से बीमार लोग वायरल संक्रमण की चपेट में ज्यादा आ रहे हैं। जिला अस्पताल में ही रोजाना औसतन 100 बुजुर्ग पहुंच रहे हैं। जिनका रक्तचाप बढ़ा हुआ है। साथ ही सांस फूलने और जोड़ों में दर्द जैसी शिकायतें आम बात है।
अस्पताल के डॉक्टर सचिन शर्मा ने बताया कि अचानक ठंड बढ़ने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे वायरल संक्रमण तेजी से फैलता है। कई मरीजों में सर्दी-खांसी के साथ बुखार और बदन दर्द की शिकायत भी सामने आ रही है, जबकि कुछ लोग पेट दर्द, उल्टी-दस्त और शरीर में अकड़न की समस्या से जूझ रहे हैं।
उन्होंने मरीजों को सलाह दी है कि गर्म कपड़े पहनें, ठंडी हवा से बचें और खान-पान पर विशेष ध्यान दें। गुनगुना पानी पीने, पौष्टिक भोजन करने और जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है। इसके अलावा, बुखार या ज्यादा दिनों तक सर्दी-खांसी रहने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेने को कहा गया है।
सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र सिंह का कहना है कि सुबह-शाम की ठंड और दिन में मौसम के उतार-चढ़ाव के कारण लोग पर्याप्त सावधानी नहीं बरत रहे हैं, जिसका खामियाजा उन्हें बीमारी के रूप में भुगतना पड़ रहा है। ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े न पहनना, ठंडा पानी पीना और खुले में देर तक रहना वायरल बीमारियों को बढ़ावा दे रहा है। वहीं बच्चों में सर्दी-जुकाम और खांसी के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। अब लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है।