यमुनानगर। दस लाख के इनामी आतंकी खारवन निवासी कुलबीर सिंह सिद्धू को उसके पिता सुखविंद्र व माता हरजीत कौर ने चार जून 2018 को बेदखल कर दिया था। उसके बाद उसका उनसे कोई संपर्क नहीं हुआ। बताया जा रहा है कि वह विदेश फरार हो गया है। वह लंदन में रह रहा है।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने आतंकी कुलबीर सिंह सिद्धू को पकड़ने को उसका पोस्टर जारी किया है। एनआईए उसकी हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश व पंजाब में तलाश कर रही है। एजेंसी ने पोस्टर पर दिल्ली व चंडीगढ़ ऑफिस के कुछ संपर्क नंबर भी जारी किए हैं। इसके अलावा आतंकवादी से जुड़े इनपुट देने वाले की पहचान को पूरी तरह से गोपनीय रखने की बात लिखी है।
जानकारी के अनुसार दिसंबर 2024 में खारवन निवासी कुलबीर सिंह उर्फ सिद्धू का नाम पीलीभीत में हुई मुठभेड़ में सामने आया था। तब एनआईए की टीम कुलबीर सिंह के घर खारवन पहुंची थी। यहां एनआईए ने उसके पिता सुखविंद्र व हरजीत सिंह से पूछताछ की। तब परिजनों ने कुलबीर से कोई संपर्क न होने की बात कही थी। इसके बाद एनआईए उसके गांव खारवन कई बार आ चुकी है। सिद्धू के पिता सुखविंद्र सिंह व अन्य परिजनों से पूछताछ करती रहती है। अब एनआईए की ओर से पोस्टर जारी कर कुलबीर की तलाश की जा रही है।
वहीं, सूत्रों के मुताबिक कुलबीर विदेश में रह रहा है। कुछ दिन पहले पुलिस पूछताछ के दौरान आतंकी के पिता सुखविंद्र सिंह ने बताया था कि कि डेढ़ दशक से भी ज्यादा का वक्त हो चुका है जब कुलबीर बिना बताए घर से चला गया था।
बताया जा रहा है कि कुलबीर सिंह सिद्धू कोराना काल के दौरान यूपी के जिला पीलीभीत के थाना पूरनपुर क्षेत्र के गांव गजरौला जप्ती में एक प्रधान के घर करीब आठ महीने तक रुका था। उसने कई लोगों को धोखाधड़ी से पासपोर्ट जारी करा कर विदेश भेज दिया था और खुद भी भाग गया था। कुलबीर सिंह सिद्धू के सहयोगी गजरौला जप्ती के ही जसपाल उर्फ सनी को पुलिस ने तीनों आतंकियों को होटल में कैमरा दिलवाने के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
दिसंबर माह में तीन आतंकी पीलीभीत में किए थे ढेर ःबब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई ) के तीन आतंकियों को दिसंबर 2024 में उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में हुई मुठभेड़ में पुलिस ने ढ़ेर कर दिया था। इस दौरान एनआईए की ओर से शुरु की गई जांच में खारवन गांव निवासी कुलबीर सिंह उर्फ सिद्धू का नाम सामने आया था। कुलबीर के परिवार के लोग भी इस जानकारी से काफी परेशान हुए। फिलहाल कुलबीर सिंह लंदन में रहता है। एनआईए की लिस्ट में वह आतंकी है और उस पर दस लाख का ईनाम रखा हुआ है। इस संबंध में स्थानीय पुलिस टीम ने खारवन पहुंचकर उसके घर जांच की और परिजनों से कुछ जानकारियां जुटाई।
कुलबीर को पुलिस अधिकारी बनाना चाहता था पिता ः कुलबीर सिंह के पिता सुखविंद्र के अनुसार उनके पास एक बेटा व एक बेटी है। बेटे कुलबीर सिंह ने खारवन के स्कूल से अच्छे नंबरों से 12वीं पास की थी। वह उसे पुलिस अधिकारी बनाना चाहते थे, लेकिन अपनी मर्जी से वह 17 साल की आयु में अर्मिनिया चला गया था। उसके बाद कुलबीर ने एक दो बार संपर्क किया। सुखविंद्र ने बताया कि वर्ष 2018 में कुलबीर को बेदखल कर दिया।
इसके बाद कुलबीर उनके संपर्क में नहीं है। उन्होंने बताया कि उनके यहां पर आए दिन कोई न कोई जांच एजेंसी आती है। वह परेशान हो चुके हैं। फिर भी सभी का सहयोग करते हैं।
परिजनों के अनुसार कुलबीर जब तक घर पर रहा, गुरुद्वारा साहिब व मंदिर नियमित जाता था। कभी किसी के साथ विवाद नहीं किया। परिवार में किसी भी तरह कोई कमी नहीं है। वह उसको विदेश भी भेजना नहीं चाहते थे। विदेश जाने के बाद यह दिक्कत आई। कुछ लोगों के बहकावे में आकर कुलबीर आतंकी बना।