संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राजकीय महाविद्यालय अहड़वाला के प्रांगण में राष्ट्रीय सेवा योजना समिति के सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर मंगलवार को का शुभारंभ हो गया। शिविर का विषय व उद्देश्य आत्मनिर्भर भारत रखा गया। शिविर में स्वयं सेवक के लिए 7 दिनों में 7 विषय रखे गए हैं। पहले दिन मंगलवार को शिविर का विषय नशा मुक्त भारत रहा, जिसके अंतर्गत स्वयंसेवकों ने नशा मुक्ति जागरूकता को लेकर पोस्टर बनाए।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुनील तनेजा ने किया। डॉ. तनेजा ने कहा कि शिविर से स्वयंसेवकों को नशा मुक्त भारत, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, स्वच्छ भारत अभियान सहित अनेक गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। शिविर से युवा वर्ग जागरूक होकर समाज के अन्य वर्गों को भी जागरूक करें।
डॉ. रमेश धारीवाल ने राष्ट्रीय सेवा योजना के प्रतीक चिह्न के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि प्रतीक चिह्न कोणार्क के सूर्य मंदिर का चक्र है, जिसके सात घोड़े 7 दिन का प्रतीक हैं। 12 रथ 12 महीनों का प्रतीक हैं। इस में लगे 24 पहिए 24 घंटे का और 8 तिल्लियां आठ प्रहर को दर्शाती हैं। प्रतीक चिह्न के बीच लाल रंग हमारे उत्साह और कार्य करने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का स्वयंसेवक भेदभाव से ऊपर उठकर समाजसेवा के लिए तैयार रहता है। वह स्वयं अनुशासित रहकर दूसरों को भी अनुशासित रखता है। ऐसे शिविर से युवाओं का व्यक्तिगत विकास होता है। युवाओं में समाज सेवा का भाव पैदा होता है। राष्ट्रीय सेवा योजना समिति की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुमन ने धन्यवाद किया। सर्वश्रेष्ठ पोस्टर बनाने वाले स्वयंसेवकों को प्राचार्य डॉ. तनेजा ने सम्मानित किया। इस दौरान प्रो. आरती अरोड़ा, डॉ. मनीषा मोर, अमरपाल, करण, अमित, नीलम, डॉ. ममता मग्गो, डॉ. अजय रतन, मीनाक्षी, निशा व डॉ. सतनाम सिंह मौजूद रहे।