डीएवी गल्र्र्स कालेज में आग से बचने के गुर सिखाती दमकल टीम।
यमुनानगर। विद्यार्थियों को आगजनी से बचने व उससे निपटने के लिए दमकल विभाग की ओर से जागरूक किया जा रहा है। जिसके तहत स्कूलों, कॉलेजों व अन्य शिक्षण संस्थानों में जागरूक कार्यक्रम करवाए जा रहे हैं। जिसमें विद्यार्थियों को आग लगने पर उससे निपटने व बचने की जानकारी दी जा रही है। इसी कड़ी में सोमवार को डीएवी गर्ल्स कॉलेज में कार्यक्रम करवाया गया। जिसमें छात्राओं, स्टाफ सदस्यों व कर्मचारियों को आगजनी से निपटने की जानकारी दी।
कार्यक्रम में दमकल अधिकारी प्रमोद दुग्गल के नेतृत्व में कर्मचारियों ने आग पर काबू पाने व बचाव कार्यों के बारे बताया। यह कार्यक्रम अग्निशमन सुरक्षा सप्ताह के तहत करवाया गया। कार्यक्रम यूथ रेडक्रॉस सोसायटी व जनसंचार विभाग की ओर से करवाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. मीनू जैन, यूथ रेडक्रॉस सोसायटी इंचार्ज डॉ. मोनिका शर्मा व डॉ. नताशा बजाज व जनसंचार विभागाध्यक्ष परमेश कुमार ने कार्यक्रम की। इस मौके पर प्रमोद दुग्गल ने कहा कि आग चार प्रकार की होती है। जिन्हें ए, बी, सी व डी श्रेणी में रखा गया है। ए श्रेणी में लकड़ी, कागज व कपड़े में लगी आग होती है।
बी श्रेणी में ज्वलनशील द्रव व गलनशील ठोस में लगी आग शामिल है। जबकि गैस व द्रवित गैस में लगी आग को सी श्रेणी में रखा गया है। जबकि डी श्रेणी में धातु व विद्युत में लगी आग शामिल है। उन्होंने आग लगने की स्थिति में बरते जाने वाली आवश्यक सावधानियां के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि रसोई घरों में रखे गए एलपीजी गैस सिलिंडर में आग लगने से लोग घबरा जाते हैं। मगर उसमें घबराने की कोई बात नहीं होती। इस दौरान पीके दुग्गल ने एलपीजी गैस सिलिंडर में आग लगने पर उसे बुझाने के तरीके बताए। उन्होंने बताया कि इस प्रकार की आग पर काबू पाने के लिए गीली चादर का प्रयोग करना चाहिए। रसोई में कभी भी एक सिलिंडर के पास दूसरा नहीं रखना चाहिए। वहीं उन्होंने फायर एक्सटिंग्विशर के सही इस्तेमाल के तरीके के बारे जानकारी दी। मॉक ड्रिल के दौरान फायर एक्सटिंग्विशर व पानी के पाइप के जरिए आग पर काबू पाने के बारे में डेमो भी दिए। डॉ. मीनू जैन ने कहा कि आग से बचाव के लिए सावधानी जरूरी है। वहीं बिजली उपकरणों से लगने वाली आग पर काबू पाने व बचाव के तरीकों की जानकारी दी। कार्यक्रम में छात्राओं ने विषय संबंधी प्रश्न किए। जिसका दमकल अधिकारी व कर्मचारियों ने जवाब दिया। डॉ. मीनू जैन ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए ऐसे कार्यक्रम बहुत ही जरूरी हैं।