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Yamuna Nagar News: मांगों के लिए गरजे शिक्षक, सरकार के खिलाफ की नारेबाजी

Mon, 24 Apr 2023 01:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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पहले दिन क्रमिक अनशन पर बैठने वाले कर्मचारियों का माला पहनाकर स्वागत करते पदाधिकारी।
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जगाधरी। अपनी मांगों के लिए शिक्षकों ने लघु सचिवालय के सामने अनाज मंडी में प्रदर्शन कर अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और सरकार की चिराग योजना शिक्षा के अधिकार के खिलाफ बताया। कहा कि इसे तुरंत प्रभाव से बंद करना चाहिए। इससे पूर्व सभी शिक्षक पूर्व में तय कार्यक्रम के अनुसार शिक्षा मंत्री के आवास में प्रदर्शन करने के लिए अध्यापक संगठन के बैनर तले जगाधरी में गुप्ता पैलेस के पास एकत्र हुए।
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लेकिन शिक्षा मंत्री ने अध्यापकों के प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाया। शिक्षकों के छह सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल से हुई वार्ता में उनकी मांगों पर पूरी चर्चा नहीं हो पाई। इसके लिए बुधवार को उन्हें दोबारा बुलाया है। इसके बाद अध्यापक वहां लौट आए। उन्होंने शिक्षा मंत्री आवास पर प्रदर्शन करने बजाय लघु सचिवालय के सामने अनाज मंडी में अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन शुरू कर दिया। इस दौरान उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
अध्यापकों का यह प्रदर्शन चिराग योजना, नई शिक्षा नीति, मर्ज करने के नाम पर स्कूल बंद करने, 50 हजार रिक्त पदों, जेबीटी शिक्षकों को स्थायी जिला देने, कंप्यूटर टीचर्स को नियमित करने, पुरानी पेंशन बहाली सहित अन्य मांगों के लिए हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के आह्वान पर किया गया। प्रदर्शन का नेतृत्व संघ के राज्य प्रधान धमेंद्र ढांडा किया। अध्यापक संगठन के बैनर तले शिक्षक जगाधरी में गुप्ता पैलेस के पास एकत्र हुए।
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धरने का संचालन राज्य महासचिव प्रभु सिंह ने किया। पहले दिन राज्य प्रधान धर्मेंद्र ढांडा, महासचिव प्रभु सिंह, राज्य उप महासचिव कृष्ण नैन, राज्य प्रैस सचिव सतबीर गोयत व राज्य ऑडिटर वेदपाल रीढ़ाल अनशन पर बैठे। इस मौके पर जन शिक्षा अधिकार मंच के राज्य प्रधान जरनैल सिंह व सर्व कर्मचारी संघ राज्य महासचिव नरेश कुमार ने कहा कि सरकार चिराग योजना व स्कूल विलय के नाम पर जन शिक्षा को बर्बाद करना चाहती है। विद्यालय विलय के बजाय हर शहर कस्बे की जनसंख्या के आधार पर नए विद्यालय खोले जाने चाहिए। सरकार की चिराग योजना शिक्षा के अधिकार के खिलाफ है। इसे तुरंत प्रभाव से बंद करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि 50 हजार रिक्त पदों पर योग्यता प्राप्त अध्यापकों की भर्ती की जाए। अध्यापकों के गैर शैक्षणिक कार्यों पर पूर्ण रोक लगाई जाए। दाखिले की आयु 31 मार्च को पांच वर्ष होनी चाहिए। 2017 वाले जेबीटी शिक्षकों को स्थायी जिले आवंटित करते हुए सभी वर्गों के सामान्य तबादले किए जाने चाहिए। अतिथि अध्यापक, कौशल रोजगार निगम में भर्ती अध्यापक व कंप्यूटर टीचर को नियमित किया जाए। सभी वर्गों की कोटे अनुसार पदोन्नति की जाए। इस दौरान धरने को सर्व कर्मचारी संघ जिला महासचिव गुलशन भारद्वाज, पूर्व अध्यापक नेता रामनाथ धीमान, अध्यापक संघ की राज्य उप प्रधान मुकेश यादव, राज्य प्रेस सचिव सतबीर गोयत, राज्य महासचिव प्रभु सिंह, कृष्णा नैन, सभी जिलों के प्रधान, महासचिव ने संबोधित किया।
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