छूट अवधि खत्म होने के बाद नगर निगम कार्यालय में अब चुनिंदा लोग ही टैक्स जमा कराने पहुंच रहे ह
यमुनानगर। हरियाणा सरकार द्वारा प्रॉपर्टी मालिकों को राहत देने के लिए शुरू की गई एकमुश्त प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने पर शत-प्रतिशत ब्याज माफी योजना का स्थानीय करदाताओं ने जमकर लाभ उठाया। जून माह में नगर निगम में ब्याज माफी योजना के चलते नगर निगम के खाते में 16 करोड़ 40 लाख 60961 रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स जमा हुआ है। इसके साथ ही एक करोड़ 40 लाख रुपये फायर टैक्स के रूप में भी सरकारी खजाने में जमा हुए। अंतिम चार दिनों में ही लगभग पांच करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स निगम के खाते में सीधे जमा कराया गया। ऐसे में जिन लोगों ने अपना टैक्स नहीं भरा उनकी संपत्तियों को सील किया जाएगा। इसके लिए टैक्स नहीं भरने वालों का डाटा तैयार किया जा रहा है। इसके बाद उन्हें नोटिस भेजे जाएंगे। नोटिस के बाद सील लगाने का काम शुरू होगा।
अंतिम दिनों में करदाताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए विशेष प्रबंध किए गए थे। शनिवार, रविवार और सोमवार को सरकारी अवकाश होने के बावजूद तीनों निगम कार्यालयों को आम जनता के लिए खुला रखा गया था। इन तीन दिनों की छुट्टियों के दौरान भी हजारों लोगों ने नागरिक सुविधा केंद्रों (सीएफसी) में पहुंचकर अपने पुराने बकाए टैक्स से मुक्ति पाई। इन तीन दिनों में तीनों निगम कार्यालयों में दो करोड़ रुपये से अधिक प्रॉपर्टी टैक्स जमा हुआ। जबकि अंतिम लगभग तीन करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स जमा हुआ।
मेयर सुमन बहमनी ने बताया कि यदि पिछले तीन महीनों के कुल वित्तीय संग्रह (कलेक्शन) की बात की जाए, तो नगर निगम द्वारा एक अप्रैल से 30 जून तक कुल 19,12,53,035 रुपये प्रॉपर्टी टैक्स और 1,46,52,799 रुपये फायर टैक्स के तौर पर वसूले गए हैं। हालांकि अप्रैल व मई माह में करीब तीन करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स जमा किया गया। संवाद
वर्जन:
सरकार द्वारा दी गई इस विशेष छूट की समय सीमा अब समाप्त हो चुकी है। एक जुलाई से किसी भी प्रकार की ब्याज माफी नहीं मिलेगी और प्रॉपर्टी धारकों से पूरे नियमों के तहत ब्याज समेत टैक्स की वसूली की जाएगी। इसके साथ ही, जिन बकायादारों का टैक्स एक लाख रुपये से अधिक है, उनके खिलाफ निगम ने सख्त रुख अपना लिया है। ऐसे बड़े डिफाल्टरों को जल्द ही नोटिस भेजकर उनकी संपत्तियों को सील करने की बड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
महाबीर प्रसाद, आयुक्त, नगर निगम।