संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। अंधेरिया बाग स्थित प्राचीन शिव मंदिर में चल रही श्री रामचरितमानस कथा में नौवें दिन कथा व्यास शशि प्रभा ने उपस्थित श्रद्धालुओं से कहा कि महिलाओं को माता सीता से प्रेरणा लेकर पतिव्रता धर्म का पालन करना चाहिए। माता सीता ने रावण की कैद में होने के बावजूद अपने पतिव्रत धर्म को नहीं त्यागा।
इसी तरह महिलाओं को भी विपरीत परिस्थितियों में अपने पति का साथ नहीं छोड़ना चाहिए। महिलाओं को अपने नाखूनों को बढ़ाना नहीं चाहिए और केश कटवाने नहीं चाहिए। पुरुषों को एक नारी व्रत धारी होना चाहिए। पुरुषों को भी पत्नीव्रता धर्म का पालन करना चाहिए। पुरुषों को भगवान श्रीराम से प्रेरणा लेकर मर्यादा का पालन अवश्य करना चाहिए।
युवाओं को ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए भक्ति को तन-मन से अपनाना चाहिए। श्रीरामचंद्र ने पग-पग पर जनकल्याण के लिए संदेश दिया है। लोगों को करुणा व परिस्थिति अनुसार कठोर होने की प्रेरणा दी है। कथा के दौरान पर महंत यमुना गिरी महाराज, इंदु शर्मा, राजेश शास्त्री, एनके शर्मा, मुख्य यजमान विनोद वर्मा, उमेश, सतीश गोयल मौजूद रहे।