संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। जिले के राजकीय विद्यालयों में लगातार अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिल पाएगा। यदि उन्हें छात्रवृत्ति का लाभ चाहिए तो विद्यालय में वर्षभर में 85 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति देनी चाहिए। निदेशालय ने बिना बताए महीनों विद्यालय से अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति रोकने के आदेश दिए हैं।
निदेशालय के आदेशानुसार छात्रवृत्ति की राशि केवल उन विद्यार्थियों को ही मिलेगी जो नियमित विद्यालय में उपस्थित हैं। उपस्थिति के आधार पर छात्रवृत्ति देने के लिए निदेशालय ने सभी विद्यालय मुखियाओं से विद्यार्थियों की जानकारी मांगी है। मुखियाओं को यह जानकारी पांच जनवरी तक पोर्टल पर उपलब्धि करवानी होगी।
शिक्षा निदेशालय की ओर से अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग ए और बीपीएल योजनाओं के अंतर्गत विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति उपस्थिति के आधार पर दी जाएगी। निदेशालय ने सभी ने वन स्कूल एप पोर्टल पर विद्यार्थियों की तिमाही उपस्थिति की रिपोर्ट मांगी है। निदेशालय ने आदेश दिए हैं कि विद्यार्थियों की अनुपस्थिति को अनावश्यक लें और इस पर गंभीरता से कार्य करें।
यदि कोई विद्यार्थी बिना किसी वैध कारण के दस दिन या इससे अधिक समय तक अनुपस्थित रहता है तो उसका नाम ड्राॅपआउट रजिस्टर में दर्ज किया जाए। विद्यालय प्रशासन को विद्यार्थियों की अनुपस्थिति की निगरानी करनी होगी। विद्यार्थी यदि लगातार तीन दिन विद्यालय नहीं आता है तो अध्यापक को तुरंत उसके माता-पिता से संपर्क कर अनुपस्थिति का कारण जानना होगा।
सात दिन तक लगातार अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों की सूचना एमआईएस पोर्टल पर दर्ज करनी होगी। इसकी साप्ताहिक समीक्षा विभाग की ओर से की जाएगी। विद्यालय को 75 प्रतिशत उपस्थिति मानक से कम उपस्थित विद्यार्थियों की सूची तैयार करनी होगी। पहले ऐसे विद्यार्थियों को नोटिस भेजा जाएगा और अभिभावकों के साथ बैठक कर अवगत करवाया जाएगा। यदि सुधार नहीं हुआ तो छात्रवृत्ति अगले आदेश तक निलंबित कर दी जाएगी।
शिक्षा विभाग की जांच में पता चला है कि प्रदेशभर के विद्यालयों में कई विद्यार्थी वर्षभर में कुछ दिन ही उपस्थिति देते हैं। वे फिर भी पूरे वर्ष छात्रवृत्ति का लाभ लेते हैं। पोर्टल पर दर्ज उपस्थिति व निरीक्षण रिपोर्टों के आधार पर निदेशालय ने यह निर्णय लिया है। विभाग के अनुसार, यह प्रवृत्ति शिक्षा की गुणवत्ता और सरकारी संसाधनों दोनों पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही है। इसमें सुधार के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
निदेशालय की ओर से छात्रवृत्ति के लिए विद्यार्थियों की तिमाही रिपोर्ट पोर्टल पर मांगी गई है। यह रिपोर्ट भरी जा रही है और समय पर भेज दी जाएगी। निदेशालय ने लंबे समय से अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं। इससे विद्यार्थियों की उपस्थिति में सुधार होगा। प्रेमलता, जिला शिक्षा अधिकारी।