संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। जेएमआईटी इंजीनियरिंग कॉलेज में ड्रोन क्राफ्टिंग व यूएवी तकनीक पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में 93 छात्रों ने भाग लिया, जिसमें उन्हें ड्रोन असेंबली, फ्लाइट मैकेनिक्स, ट्रबल शूटिंग और औद्योगिक अनुप्रयोगों की गहन जानकारी दी गई।
कार्यशाला का नेतृत्व विपुल मौर्य, डीजीसीए प्रमाणित ड्रोन पायलट, भारतीय ड्रोन प्रौद्योगिकी संस्थान, डोडी (मध्य प्रदेश) के तकनीशियन द्वारा किया गया। उन्होंने ड्रोन डिजाइन, वायुगतिकी व रीयल-टाइम फ्लाइट सिमुलेशन की मूल बातें समझाईं। छात्रों को यूएवी (अनमैन्ड एरियल व्हीकल) सिस्टम पर व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ। सत्र में ड्रोन प्रौद्योगिकी में कॅरिअर के अवसरों पर भी चर्चा की गई। इसमें रक्षा, अंतरिक्ष अन्वेषण, स्मार्ट फार्मिंग, यातायात निगरानी और ई-कॉमर्स डिलीवरी जैसे क्षेत्रों में संभावनाओं पर प्रकाश डाला गया।
छात्रों ने आवश्यक तकनीकी कौशल, टीम वर्क और व्यावहारिक सोच विकसित की। कार्यशाला डॉ. गौरव शर्मा (एचओडी सीएसई), डॉ. विकास जुनेजा (एचओडी आईटी), डॉ. पंकज शर्मा (एचओडी मैकेनिकल), इंजीनियर कपिल देव व इंजीनियर रितु श्योराण (सहायक प्रोफेसर, सीएसई विभाग) के मार्गदर्शन में आयोजित की गई। उन्होंने इस कार्यशाला को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जेएमआईटी के निदेशक डॉ. एसके गर्ग ने ड्रोन तकनीक के बढ़ते महत्व पर जोर देते हुए कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं छात्रों को आधुनिक तकनीकों से अवगत कराने और उनके कॅरिअर को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में मददगार साबित होती हैं। उन्होंने सीएसई विभाग और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर रोबोटिक्स की तकनीकी शिक्षा में योगदान के लिए सराहना की।