संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। आईटीआई की रिक्त सीटें भरने के लिए कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग की ओर से ओपन काउंसलिंग करवाई जा रही है। पंरतु आईटीआई की कुछ ट्रेड के लिए बिल्कुल भी विद्यार्थी नहीं मिल पा रहे हैं। कभी सबसे लोकप्रिय व विद्यार्थियों की प्राथमिकता रही एंब्रॉयडरी ट्रेड में अब दाखिले नहीं हो रहे हैं। नोडल आईटीआई में एंब्रॉयडरी ट्रेड की कुल 20 सीटें हैं, जिसमें से मात्र तीन ही भर पाई हैं।
इसके अलावा तीन ट्रेड्स और ऐसी हैं, जिसमें बेहद दस से ज्यादा दाखिले नहीं हुए हैं। किसी में पांच, तो किसी में सात दाखिले हुए हैं। ओपन काउंसलिंग में भी इन ट्रेड के लिए विद्यार्थी नहीं मिल रहे हैं। यह ट्रेड दहाई के अंक तक भी नहीं पहुंच पाई हैं। बता दें कि नोडल आईटीआई में सबसे ज्यादा ट्रेड करवाई जाती है।
नोडल आईटीआई की कई ट्रेड में दाखिले न के बराबर हुए हैं। इन ट्रेड में दाखिला न होने के कारण इनका संचालन मुश्किल हो जाएगा। वहीं, दाखिला समिति के सदस्य काउंसलिंग के दौरान विद्यार्थियों को हर ट्रेड के लाभ व भविष्य की संभावनाओं के बारे में भी बता रहे हैं। बावजूद इसके विद्यार्थियों का रुझान इन ट्रेड में नहीं बन पा रहा है।
इन ट्रेड विद्यार्थी कम
सर्फेस ओर्नामेंशन टेक्निक (एंब्रॉयडरी) की कुल 20 में से तीन सीटों पर दाखिले हुए हैं। इसकी 17 सीटें रिक्त हैं और किसी ने इस पर आवेदन नहीं किया है। इसी तरह जीईओ इंफार्मेटिक्स असिस्टेंट में कुल 24 सीटें हैं। जिसमें से मात्र पांच ही भर पाई हैं और 19 सीटें अभी रिक्त हैं। वहीं, इलेक्ट्रोप्लेटर ट्रेड में कुल 20 सीटों में से मात्र सात पर दाखिले हुए हैं। वहीं, पेंटर जनरल ट्रेड की कुल 20 सीटें हैं, जिसमें से अभी तक सिर्फ नौ पर दाखिले हो पाए हैं। इसी तरह कॉस्मेटोलॉजी ट्रेड में भी दाखिल नहीं हो पा रहे हैं। इस ट्रेड में कुल 24 सीटें हैं और इसमें से 14 भरी हैं। इसके अलावा फाउंड्रीमैन ट्रेड में भी इस बार विद्यार्थियों का रूझान कम हुआ है। इस ट्रेड की 48 में से मात्र 16 ही सीटों पर दाखिले हुए है और 32 सीटें खाली हैं।
आईटीआई की ओपन काउंसलिंग चल रही है। इस चरण में संस्थान की सभी सीटें भर जाती हैं। कुछ ट्रेड्स में विद्यार्थियों की रूचि कम हुई हैं। परंतु विद्यार्थियों को ट्रेड के प्रति जागरूक किया जा रहा है। यह सत्र 18 से 22 अगस्त तक चलेगा।दीपेश महेंद्र, प्राचार्य नोडल आईटीआई।