यमुनानगर। तिलक राज चढ़ा प्रबंधन एवं तकनिकी संसथान में वीरवार को मैनेजमेंट विभाग के छात्रों का विशेषज्ञों के साथ बजट 2025-2026 से पोस्ट बजट पर विश्लेषण करवाया गया। इस चर्चा के मुख्य अतिथि एनआईपीईआर के प्रोफेसर अनिल अंग्रीश रहें। उन्होंने छात्रों को टुकड़ों में अर्थव्यवस्था के प्रत्येक क्षेत्र को चुनकर सभी हितधारकों के लिए बजट प्रभाव और महत्व का तार्किक मूल्यांकन करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने बताया कि इस बजट का मुख्य आकर्षण यह सुनिश्चित करना है कि 12 लाख तक की आय वाले करदाताओं को प्रदान की गई छूट के कारण कोई कर देनदारी न हो। इसका उद्देश्य वेतनभोगी मध्यम और निम्न मध्यम वर्ग वर्गों के बीच मांग को बढ़ावा देना है। जिन्हें कर बचत के रूप में पर्याप्त लाभ मिलता है और खपत बढ़ने की उम्मीद की जा सकती है।
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आर्थिक सर्वेक्षण में इस वर्ष ग्रामीण क्षेत्रों में निरंतर उपभोग वृद्धि के विपरीत शहरी मांग में मिश्रित रुझान की ओर इशारा किया गया था और यह कदम स्पष्ट रूप से समस्या को लक्षित करता है। इसके बाद प्रोफेसर अनिल ने विद्यार्थियों को बजट के विश्लेषण से जुड़ी अहम बाते बताई। उन्होंने यह भी कहा कि इस बजट में सरकार खर्चों की तरफ ध्यान दे रही है, जिसकी वजह से बाजार में महगाई और ज्यादा बढ़ेगी और सरकार द्वारा इसे कम करने पर विचार किया जाना चाहिए।
संस्थान निदेशक डॉ. विकास दरयाल ने बताया कि हर वर्ष संस्थान में मैनेजमेंट विभाग के विद्यार्थियों को बजट का सीधा प्रसारण दिखाया जाता है और इसी तरह विश्लेषण भी करवाया जाता है। उन्होंने कहा साथ ही संस्थान में हर बार की तरह इस बार भी इस पर एक्सपर्ट डिस्कशन करवाई गई है। अंत में सभी विद्यार्थियों ने सभी विशेषज्ञों से प्रश्नोत्तर कर अपनी उत्सुकता को शांत किया।