संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। जिला औषधि नियंत्रण विभाग की ओर से वीरवार को शहर के एक निजी पैलेस में मेडिकल स्टोर संचालकों के साथ एक सूचना, शिक्षा व संचार गतिविधि पर कार्यक्रम का आयोजन जिला ड्रग कंट्रोल ऑफिसर बिंदु धीमान की देखरेख में हुआ। कार्यक्रम मूल्य निगरानी एवं संसाधन इकाई हरियाणा ( प्राइस मॉनिटरिंग एवं रिसोर्स यूनिट) के सौजन्य से आयोजित किया गया। जिसमें शहर व क्षेत्र के 53 मेडिकल स्टोर संचालकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य संबंधित क्षेत्र के मेडिकल स्टोर संचालकों को उनके व्यवसाय से जुड़े विभिन्न अधिनियम व नियमों का सख्ती से पालन करने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में प्राइस मॉनिटरिंग एवं रिसोर्स यूनिट (पीएमआरयू) पंचकूला से आए क्षेत्रीय अन्वेषक विक्रम वर्मा ने उपस्थित दवा लाइसेंस धारकों के साथ डीपीसीओ (औषधि मूल्य नियंत्रण आदेश) से संबंधित जानकारी साझा की। उन्होंने एक वर्ष के अंतराल में किसी भी दवा के मूल्य में अत्यधिक चढ़ाव की जानकारी होने पर विभाग को सूचित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने उपस्थित दवा विक्रेताओं को फार्मा सही दाम मोबाइल एप्लीकेशन के बारे में बताया जिससे कोई भी उपभोक्ता किसी भी दवाई का निर्धारित मूल्य चेक कर सकता है और अपनी शिकायत भी दर्ज करवा सकता है। इस एप के माध्यम से यदि आपके गांव या शहर में किसी दवा की आपूर्ति नहीं हो रही या कम हो रही है यह सूचना भी दर्ज की जा सकती है। सरकार द्वारा उस सूचना पर कार्रवाई की जाएगी। बिंदु धीमान ने सभी उपस्थित दवा विक्रेताओं को अपने रिकॉर्ड दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने फार्मासिस्ट की उपस्थिति सुनिश्चित करने और सभी दुकानों पर कैमरा लगवाने की अनिवार्यता पर जोर दिया तथा नशे की ज्वलंत समस्या पर भी चिंता जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई भी लाइसेंस धारक दोहरे उपयोग वाली दवाओं और एमटीपी किटों के अवैध भंडारण और बिक्री में लिप्त पाया जाता है, तो उसका दवा बिक्री लाइसेंस तत्काल रद्द कर दिया जाएगा। हरियाणा राज्य फार्मेसी परिषद, पंचकुला द्वारा फार्मासिस्ट का पंजीकरण भी स्थायी रूप से रद्द कर दिया जाएगा। इस अवसर पर सुरेश कुमार, संजय गुप्ता, हैप्पी मुंजाल, आशीष कांबोज, चारुल शर्मा, कंवर प्रकाश आदि मौजूद रहे।
जिग्मेत थारचिन मनास्लु शिखर पर। स्रोत – जिग्मेत थारचिन