संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने के साथ महिलाएं अब स्वरोजगार के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बना रही हैं। देहात क्षेत्र की कई महिलाओं ने विभिन्न व्यवसायों से जुड़कर न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है, बल्कि दूसरी महिलाओं और युवतियों को भी प्रशिक्षण दे रही हैं।
पशुपालन, मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन, ब्यूटी पार्लर, सीएससी, अटल कैंटीन, किराना, कॉस्मेटिक और सिलाई-कढ़ाई जैसे कार्यों में महिलाएं अपनी भागीदारी बढ़ा रही हैं। स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण लेने के बाद कई महिलाएं खुद प्रशिक्षिका की भूमिका निभा रही हैं। वे अपने अनुभव और हुनर को क्षेत्र की अन्य महिलाओं तक पहुंचा रही हैं।
इससे ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं के बीच स्वरोजगार के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। परिवार के सदस्यों के साथ समाज के लोग भी महिलाओं के इस प्रयास की सराहना कर रहे हैं। व्यासपुर के महमूदपुर गांव की नीलम ने मशरूम उत्पादन को स्वरोजगार का जरिया बनाया। वह तीन सालों से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्होंने मशरूम उत्पादन की बारीकियां सीखीं और अब अन्य महिलाओं को भी इसके बारे में जानकारी दे रही हैं।
उनका कहना है कि कम जगह में भी इस कार्य को शुरू कर महिलाएं अपनी आमदनी बढ़ा सकती हैं। गांव फतेहपुर की कविता ने मधुमक्खी पालन और शहद उत्पादन को रोजगार के रूप में अपनाया है। उन्होंने प्रशिक्षण के माध्यम से इस काम की जानकारी हासिल की और अब दूसरी महिलाओं को भी शहद उत्पादन से संबंधित जरूरी जानकारी दे रही हैं। उनका उद्देश्य महिलाओं को घर की जिम्मेदारियों के साथ आय का साधन उपलब्ध कराना है।
गांव सबलपुर की दीपाली ने सीएससी के माध्यम से लोगों को विभिन्न ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध कराने का काम शुरू किया। वहीं लक्ष्मी अटल कैंटीन के संचालन से जुड़कर स्वरोजगार कर रही हैं। इन महिलाओं का कहना है कि मेहनत और सही प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत बन सकती हैं।
प्रवीन ने ब्यूटी पार्लर से बढ़ाई आमदनी
सुंदर बहादुरपुर शेरगढ़ की प्रवीन ब्यूटी पार्लर का संचालन कर रही हैं। उन्होंने प्रशिक्षण लेकर इस क्षेत्र में दक्षता हासिल की और अब अन्य युवतियों को भी ब्यूटी पार्लर से संबंधित कार्यों का प्रशिक्षण दे रही हैं। इससे युवतियों को अपने क्षेत्र में ही रोजगार का विकल्प मिल रहा है।