फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Yamuna Nagar News: आंधी और बारिश से 170 पेड़ व 130 खंभे टूटे, बिजली गुल

Sat, 13 Jun 2026 02:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
विज्ञापन
रादौर के एसके रोड पर आंधी से उखड़ा पेड। संवाद
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

रादौर। रादौर व जठलाना क्षेत्र में वीरवार की रात आंधी और बारिश ने रादौर क्षेत्र में भारी तबाही मचा दी। तेज हवाओं के कारण करीब 170 पेड़ और 130 बिजली के खंभे टूट कर गिर गए, जिससे क्षेत्र की बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। रातभर और शुक्रवार को दिनभर कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही।
बिजली नहीं होने से लोगों को भीषण गर्मी के साथ-साथ पेयजल संकट का भी सामना करना पड़ा। वहीं सड़कों पर गिरे पेड़ों और खंभों के कारण यातायात भी प्रभावित रहा और कई स्थानों पर लंबे जाम लगे रहे। आंधी के दौरान बरेहड़ी-मोहड़ी रोड पर बड़ी संख्या में पेड़ सड़क पर गिर गए। बारिश के बीच मार्ग अवरुद्ध होने से वाहन चालक और राहगीर घंटों जाम में फंसे रहे।
विज्ञापन

कई लोग बारिश में भीगते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचने को मजबूर हुए। शहर के एसके रोड पर सफेदे के बड़े-बड़े पेड़ों की शाखाएं टूटकर सड़क पर गिर गईं, जिससे यातायात बाधित रहा। कच्चा घाट क्षेत्र में एक पेड़ की भारी शाखा 11 केवी बिजली लाइन पर गिर गई, जिससे जोरदार धमाका हुआ। आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
राहत की बात यह रही कि घटना के समय वहां कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। बागवाली फीडर भी पूरी रात बंद रहा, जिससे कई गांवों और मोहल्लों में अंधेरा छाया रहा। रादौर-जठलाना रोड पर भी पेड़ों की शाखाएं टूटकर बिजली तारों पर गिर गईं। कई स्थानों पर तार सड़क के ऊपर खतरनाक तरीके से लटकते रहे।
अनाज मंडी क्षेत्र में एक बिजली खंभा टूटकर गिर गया, जिससे 11 केवी लाइन एक आढ़ती की दुकान पर आ गिरी। हादसे में दुकान में लगा एयर कंडीशनर और इन्वर्टर क्षतिग्रस्त हो गया। गांव बुबका में भी कई बिजली खंभे उखड़कर खेतों में जा गिरे। बिजली निगम की टीमें दिनभर विभिन्न स्थानों पर मरम्मत कार्य में जुटी रहीं।
कर्मचारियों ने टूटे खंभों को बदलने, तारों को दुरुस्त करने और पेड़ों की शाखाएं हटाने का काम किया। बिजली आपूर्ति बाधित होने का असर पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ा। अधिकांश क्षेत्रों में पानी की मोटरें नहीं चल सकीं, जिससे लोगों को पेयजल के लिए भटकना पड़ा। कई घरों में पानी की टंकियां खाली हो गईं और लोगों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ी।
बिजली निगम के कर्मचारियों के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य चल रहा है। टूटे खंभों और क्षतिग्रस्त तारों को बदलने का काम जारी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी प्रभावित गांवों और शहरी क्षेत्रों में जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि लोगों को राहत मिल सके।
विज्ञापन

संसाधनों की कमी से बढ़ रही परेशानी
बिजली निगम कर्मचारियों ने बताया कि क्षेत्र में पेड़ों की कटाई और शाखाओं को हटाने के लिए कई बार अधिकारियों से लिफ्ट उपलब्ध कराने की मांग की जा चुकी है। अब तक इसकी व्यवस्था नहीं हो पाई है। कर्मचारियों की संख्या भी आवश्यकता के मुकाबले कम है, जिसके कारण स्टाफ पर अतिरिक्त कार्यभार पड़ रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि पर्याप्त संसाधन उपलब्ध होने पर ऐसे हालात में बिजली आपूर्ति बहाल करने का काम अधिक तेजी से किया जा सकता है।

रादौर के एसके रोड पर आंधी से उखड़ा पेड। संवाद

रादौर के एसके रोड पर आंधी से उखड़ा पेड। संवाद

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें