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Yamuna Nagar News: कटाव रोकने के लिए बनेंगे स्टोन स्टड, तटबंध होंगे और मजबूत

Fri, 02 Jan 2026 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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मुख्यमंत्री के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में भाग लेतीँ डीसी व अन्य अ​धिकारी।  डीआईपीआरओ
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। प्रशासन आगामी मानसून को देखते हुए बाढ़ बचाव कार्यों को लेकर अभी से सतर्क गया है। जिले में 102 करोड़ रुपये की 59 योजनाओं से बाढ़ बचाव कार्य होंगे। इस बजट की मंजूरी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की ओर से की गई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मुहर लगी है। भूमि कटाव रोकने के लिए उत्तर प्रदेश की तर्ज पर मजबूत और टिकाऊ स्टोन स्टड बनाए जाएंगे।
वर्ष 2023 और 2025 में बाढ़ और जलभराव की घटनाओं से सबक लेते हुए इस बार पहले से ठोस और प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाएगी। नदियों के किनारे तटबंधों को और अधिक मजबूत करने तथा भूमि कटाव रोकने पर विशेष जोर रहेगा। यहां तक उत्तर प्रदेश की तर्ज पर मजबूत और टिकाऊ स्टोन स्टड बनाए जाएं। इस वर्ष सभी स्टड नई तकनीक से लगाने के आदेश दिए गए हैं।
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इसके अलावा बजरी से भरे कट्टों को पहले से तैयार रखने को कहा गया, ताकि अत्यधिक जल प्रवाह वाले संवेदनशील क्षेत्रों में जरूरत पड़ने पर तुरंत उनका उपयोग किया जा सके। इतना ही नहीं, यमुना नदी में सीवरेज और नालों का प्रदूषित पानी गिरने पर पूर्ण प्रतिबंध के निर्देश दिए गए। किसी भी ड्रेन से यमुना में पानी केवल ट्रीटमेंट के बाद ही छोड़ा जाएगा। इसके लिए सभी आउटफॉल प्वाइंट्स को चिन्हित कर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और सामान्य अपशिष्ट उपचार संयंत्रों के निर्माण कार्य में तेजी लाने के आदेश दिए गए हैं। उधर, डीसी प्रीति ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए की बाढ़ बचाव के होने वाले कार्यों में बिल्कुल भी कोताही न हो तथा होने वाले कार्यों को समय-समय पर अपडेट लेते रहे।
यमुना नदी से कमालपुर टापू गांव की आबादी को बचाने के लिए 02 स्टोन स्टड और 1500 फीट स्टोन स्टीनिंग का कार्य होगा। यमुना नदी से पोबारी गांव की आबादी को बचाने के लिए 07 स्टोन स्टड और 1200 फीट स्टोन स्टीनिंग काम होगा। गांव लंढौरा और राजपुरा में बाढ़ का पानी निकालने के लिए अंडरग्राउंड पाइपलाइन बिछाकर और गांव लंढौरा में पंपहाउस बनाया जाएगा।
2025 में बाढ़ के बाद यमुना नदी के आरएलडीएसई बांध के आरडी 2200 से 2550 तक खराब एप्रन की मरम्मत होगी। नदी से गांव लपरा को बचाने के लिए 1100 फीट पत्थर की सलाखें बनेंगी। गांव घोरो पिपली की खेती की ज़मीन को ा नदी से बचाने के लिए स्टोन स्टड और 1000 फीट स्टोन स्टीनिंग का का काम होगा।
गांव गुमथला राव और चौगामा की आबादी और खेती की ज़मीन को यमुना नदी से बचाने के लिए 1688 फीट 04 टियर स्टोन स्टीनिंग और 06 मौजूदा स्टोन स्टड की भरपाई की जाएगी। गांव सरावन में पंपहाउस बनाकर बाढ़ के पानी को निकाला जाएगा। गांव दादूपुर के पास मौजूदा खराब क्रॉस ड्रेनेज व साइफन को फिर से बनाने और गेट की मरम्मत और आरडी 1.2 किमी पर इनलेट का नया गियरिंग सिस्टम लगाया जाएगा।
गांव मानकपुर में आरडी 7.19 किमी. पर कल्वर्ट कम इनलेट का निर्माण और सुधल गांव में खेती की ज़मीन और आबादी को बचाने के लिए काम होगा। गांव खन्नूवाला की आबादी और खेती की ज़मीन को नदी के पानी से बचाने के लिए 700 फीट पत्थर की स्टाइनिंग लगाई जाएगी। सोम नदी से रामपुर कंबोयान गांव की आबादी और खेती की ज़मीन को बचाने के लिए 1800 फीट का बांध बनेगा।
रानीपुर गांव की खेती की ज़मीन को सोम नदी से बचाने के लिए 900 फीट पत्थर की सलाखें बनाना। तिहानो गांव की आबादी और खेती की ज़मीन को सोम नदी से बचाने के लिए 400 फीट पत्थर की सलाखें बनेंगी।
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समय रहते बाढ़ बचाव कार्यों को पूरा कर लिया जाएगा। बाढ़ बचाव कार्य कहां-कहां किए जाने है इसका खाका तैयार हो चुका है। बाढ़ बचाव कार्यों पर मुख्यमंत्री के साथ चर्चा हो चुकी है। वहीं संबंधित विभाग के अधिकारियों को समय से काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। -प्रीति, डीसी यमुनानगर।
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