जगाधरी। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से महाराजा अग्रसेन कॉलेज के ऑडिटोरियम में भजन संध्या भज गोविन्दम् का आयोजन किया गया । इस दौरान गुरु आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी जयंती भारती ने बताया कि परमात्मा के नाम को बोलना या जपना मात्र नहीं है, बल्कि यह एक बहुत गहरा आध्यात्मिक विज्ञान है जो हमें ईश्वर के शाश्वत नाम से जुड़ने की प्रेरणा देता है। वह नाम जिसे मुख से नहीं बोला जा सकता बल्कि पूर्ण गुरु की कृपा से आत्मा की गहराइयों में ही सुना जा सकता है।
साध्वी ने बताया कि केवल एक पूर्ण सद्गुरु की कृपा द्वारा ही व्यक्ति ब्रह्मज्ञान की शाश्वत विधि को प्राप्त कर सकता है। यह सभी विद्याओं की परम विद्या है, जिसके माध्यम से मनुष्य ईश्वर का प्रत्यक्ष दर्शन (तत्व-दर्शन) करता है व उसका अव्यक्त नाम सुन पाता है। ब्रह्मज्ञान आधारित नियमित ध्यान की मदद से हम ईश्वर के अव्यक्त नाम से जुड़कर जीवन के परम लक्ष्य की ओर आगे बढ़ते हैं।
उन्होंने बताया कि अर्जुन ने आंतरिक रूप से इसी दिव्य नाम से जुड़कर कुरुक्षेत्र की युद्धभूमि पर युद्ध किया था। हम भी सांसारिक दायित्वों को निभाते हुए भगवान के दिव्य नाम के साथ जुड़कर अपने कार्यों को सही मायनों में सफल बना सकते हैं। वर्तमान युग में दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी जन-जन को ब्रह्मज्ञान की शाश्वत विधि प्रदान कर रहे हैं। जिसे प्राप्त कर हम अपने जीवन में चिरस्थाई, सकारात्मक व दिव्य परिवर्तन का अनुभव करते है। उन्होंने सभी को केवल बाहरी रूप से जप करने के लिए नहीं अपितु अंतर्जगत में ईश्वर का दर्शन करने हेतु आमंत्रित किया।