यमुनानगर/व्यासपुर। जिले में सुबह से छाए बादल एक बार फिर लोगों को निराश करके आगे बढ़ गए। लोग बादलों को देख दिनभर बारिश होने का अनुमान लगाते रहे, लेकिन एक बूंद तक नहीं गिरी। पूरा दिन लोग गर्मी व उमस से परेशान रहे। जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 32 डिग्री व न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पहाड़ों में हुई बारिश से व्यासपुर में सोम नदी में जरूर उफान आ गया। साेम नदी में पानी का बहाव 8000 क्यूसेक दर्ज किया गया। बनकट गांव के पास नदी के तटबंध का कुछ हिस्सा पानी में बह गया।
शिवालिक ही पहाड़ियों में हरियाणा की सीमा से सटे हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार तड़के मूसलाधार बारिश हुई। जिससे हिमाचल से आदिबद्री, लोहगढ़ व धनौरा में प्रवेश करने वाली सोम नदी अचानक उफान पर आ गई। जिससे सोमनदी के समीप स्थित डेढ़ दर्जन से अधिक गांवों के किसानों को चिंता सताने लगी। शुक्रवार सुबह तीन बजे से पहाड़ी क्षेत्र में बारिश होने लगी थी। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि सोम नदी के उफान पर आने से उन्हें अपने खेतों की फसलों की चिंता सताने लगी है। सोम नदी के बहाव के कारण सिंचाई विभाग की तरफ से गांव बनकट के समीप बाढ़ राहत कार्य के लिए बनाए जा रहे तटबंध को नुकसान पहुंचा। सोम नदी के उफान से तटबंध का कुछ हिस्सा पानी में बह गया। गनीमत रही कि समय रहते पानी का बहाव कम हो गया। संवाद
कई पशु बहाव में बहे, आगे किनारे पर निकले:
सोमनदी के उफान से खानूवाला गांव के पास सोम नदी किनारे मवेशी चरा रहे लोगों ने नदी से भाग कर अपनी जान बचाई। अचानक आए उफान से उनके कई मवेशी पानी के तेज बहाव में बह गए, लेकिन काफी दूर आगे जाकर किनारे लगे और बाहर निकलें। जहां तपती गर्मी से तो लोगों को राहत मिली। वहीं निकट भविष्य में कई गांवों में सोमनदी के तटबंध के टूटने का भी खतरा पैदा हो गया। क्षेत्र के सोनू, राम कुमार, मेम सिंह, हरि सिंह, सोहन लाल, जयकुमार का कहना है कि गत वर्ष सोम नदी में 20 हजार क्यूसेक से अधिक पानी का बहाव होने के कारण गांव खानूवाला व चिंतपुर में तटबंध के टूटने से पानी गांव में प्रवेश कर गया था। लोगों ने विभाग से जल्द से जल्द बाढ़ राहत कार्य पूरा करने की मांग की है।