संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापनगर। जंगल में चोरी छिपे खैर के पेड़ों को काट कर ले जाने की फिराक में तस्करों ने शनिवार की रात वन विभाग की टीम पर फायरिंग कर दी। ऐसे में कर्मचारी बाल-बाल बच गए। कर्मियों ने पीछा करने पर तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले। सूचना मिलते ही प्रतापनगर थाना पुलिस व फॉरेंसिक टीम ने मौके का मुआयना किया।
इस दौरान पुलिस ने मौके से गोली के खोल, लकड़ी के पीस, आरी,चप्पल तथा शॉल को बरामद कर लिया है। पुलिस वन दरोगा संदीप के बयान दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर तफ्तीश में जुट गई है।
शिकायत में वन दरोगा संदीप ने बताया कि सूचना मिली थी कि कुछ लोग जंगल में घुसकर खैर के पेड़ों को काट रहे है। इसके बाद वे वन दरोगा पवन, वन रक्षक मनजीत व संदीप को साथ लेकर पैदल जंगल की तरफ गए। जंगल में पहुंचने पर आरी से पेड़ काटने की आवाज सुनाई दे रही थी।
जब वे सभी आ रही आवाज की तरफ बढ़े तो तस्करों को इसकी भनक लग गई और अपने बचाव के लिए देसी कट्टे से उनकी तरफ फायर कर दिया और नागलपट्टी की तरफ भागने लगे। इस पर टीम ने खैर तस्करों का पीछा किया। तस्करों ने धमकी देते हुए दूसरा फायर कर दिया। इस पर सभी कर्मी बाल-बाल बच गए। खैर तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। इसके बाद सभी कर्मचारी पेड़ काटे जाने की जगह पर पहुंचे तो देखा मौके पर खैर के तीन पेड़ कटे हुए थे।
सड़क से 30 से 40 मीटर काटे जा रहे थे पेड़
वन दरोगा संदीप ने बताया कि जिस जगह पर खैर के पेड़ काटे गए हैं, वह प्रतापनगर का सरकारी जंगल है। तस्कर रात के अंधेरे में मुख्य सड़क से 30 से 40 मीटर दूर जंगल के अंदर खैर के पेड़ों को आरी से काट रहे थे। पेड़ों को काटने के बाद उनकी लकड़ी को लादने के लिए तस्करों ने अपनी गाड़ी का भी प्रबंध किया था। यह माल सात से आठ क्विंटल था। पुलिस ने मौके से आरी को भी बरामद कर लिया है।
तस्करों के खिलाफ केस दर्ज करवा दिया गया है। कर्मचारियों ने काफी बहादुरी से तस्करों का पीछा किया और लकड़ी को बचाया है। हमारी टीम ने जंगल के अंदर गश्त को और तेज कर दिया है। कर्मचारी दिन-रात जंगल की रखवाली कर रहे हैं। किसी भी सूरत में तस्करों को बख्शा नहीं जाएगा। -सुखपाल कौर, डीएफओ, वन विभाग यमुनानगर।