संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सात राइस मिलों में हुए घोटाले में पुलिस अभी तक कोई नया खुलासा नहीं कर पाई है। पुलिस ने आरोपी राइस मिलर संदीप सिंगल व उनकी पत्नी रितिका सिंगला को पकड़ पाई है और न ही यह खुलासा हो पाया कि राइस मिलों से धान की लाखों बोरियां आखिरकार कहां गई। मामले की जांच के लिए एसपी कमलदीप गोयल ने शनिवार को एसआईटी गठित कर दी।
यह एसआईटी डीएसपी रजत गुलिया के नेतृत्व में बनाई गई है। इस कमेटी में डीएसपी के साथ सीआईए-वन इंचार्ज राजकुमार व संबंधित थाना के एसचओ शामिल किए गए हैं। अब यह एसआईटी पर निर्भर करता है कि वह घोटाले से पर्दा कितने दिनों में उठाती है और इस पूरे खेल में राइस मिलर के अलावा कौन-कौन से अधिकारी मलाई खा रहे थे। वहीं राइस मिलों में हो रही धान की फिजिकल वेरिफिकेशन भी अब पुलिस की मौजूदगी में ही होगी।
जानकारी के अनुसार राइस मिलर संदीप सिंह की प्रतापनगर स्थित राइस मिलों में 13 नवंबर को धान का बड़ा घोटाला पकड़ा गया था। इससे पहले रणजीतपुर मंडी में एक और बड़ा घोटाला करने की तैयारी हो रही थी। रणजीतपुर मंडी में 11 नवंबर की रात 12 से अधिक ट्रकों में धान भर कर लाया गया था। बोरियों में लाया गया यह धान मंडी में बेचने की तैयारी हो रही थी। अगले ही दिन इस धान की बोली कराने की योजना बन रही थी।
परंतु उसी दिन प्रतापनगर की चार राइस मिलों में करोड़ों रुपये का धान पकड़ा गया। जिस कारण रणजीतपुर मंडी में लाए गए धान की बोली करवाई नहीं जा सकी। से धान की हजारों बोरियां रणजीतपुर मंडी में ही तिरपाल के नीचे रखी हुई हैं। बताया जा रहा है कि यह धान राइस मिलर संदीप सिंगला का ही था। धान घोटाला होने के बाद संदीप सिंगला पकड़ से बाहर है। इसलिए उनकी तरफ से कोई भी इस धान पर अपना हक जताने के लिए सामने नहीं आया है।